किडनी फेलियर के मरीज को ऐसी चीजें बिल्कुल नहीं खानी चाहिए जो toxins, potassium, sodium और phosphorus को बढ़ाकर किडनी की हालत खराब कर सकती हैं। किडनी फेलियर के Patients के लिए सही खानपान बहुत ज़रूरी होता है, क्योंकि गलत diet किडनी पर extra दबाव डाल सकती है। अगर किडनी फेलियर के मरीज शुरुआत से ही खानपान पर ध्यान दें, तो बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। किडनी फेलियर में जिन चीज़ों को खाने से बचना चाहिए उनमें से खास 7 चीज़ों की जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है।
गलत diet की आदत किडनी फेलियर के patients के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसके कारण कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे –
किडनी फेलियर में diet का सबसे खास रोल होता है। कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें खाने से किडनी पर ज़्यादा दबाव पड़ता है। खासकर ईन 7 चीजों को avoid करना चाहिए –
किडनी फेलियर में नमक सबसे ज़्यादा नुकसान करता है। ज़्यादा नमक खाने से बॉडी में पानी जमा होने लगता है, जिससे सूजन, हाई BP और सांस की दिक्कत बढ़ सकती है। इसलिए, अचार, पापड़, chips, packaged snacks, instant noodles और processed foods से बचना चाहिए। मरीजों को low-salt diet अपनानी चाहिए और सिर्फ़ सेंधा नमक का लिमिट में use करना चाहिए।
किडनी खराब होने पर बॉडी potassium को बाहर नहीं निकाल पाती। इससे heart problem का risk बढ़ जाता है। इसलिए केला, संतरा, kiwi, आम, नारियल पानी और सूखे मेवे जैसे foods का परहेज़ करना चाहिए। इनमें potassium ज़्यादा होता है। इन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं खाना चाहिए।
Cold drinks और packed juices में sugar, sodium और phosphorus ज़्यादा मात्रा में होता है। ये किडनी को और कमजोर बना सकते हैं। इन drinks से बॉडी में पानी की गड़बड़ी और वजन बढ़ने की problem भी हो सकती है। मरीजों को fresh और limited मात्रा में घर के बने drinks ही लेने चाहिए।
मटन, beef, sausage और processed meat में protein और phosphorus बहुत ज़्यादा होता है। किडनी फेलियर में बहुत ज़्यादा protein बॉडी में waste बढ़ाता है, जिसे किडनी फिल्टर नहीं कर पाती। इससे creatinine और urea बढ़ सकता है।
दूध, cheese, butter और paneer में phosphorus और potassium ज़्यादा होता है। इनका ज़्यादा use करने से हड्डियाँ कमजोर हो सकती हैं और किडनी पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए, dairy products लिमिट में लें।
Burger, pizza, fries और fried foods में sodium, unhealthy fat और preservatives बहुत ज़्यादा होते हैं। ये food items BP बढ़ाते हैं और बॉडी में सूजन बढ़ा सकते हैं। किडनी patients को घर का हल्का और ताजा खाना खाना चाहिए।
बहुत से लोग बिना डॉक्टर से consult किये painkillers लेते रहते हैं। ये दवाइयां किडनी की blood supply पर असर डाल सकती हैं। लंबे वक़्त तक painkiller लेने से किडनी damage तेजी से बढ़ सकता है। कोई भी medicine डॉक्टर की सलाह से ही लें।
| इलाज का तरीका | असर | फायदा | रिस्क / सावधानी |
| डायलिसिस | खून से toxins निकालने में मदद | कुछ मरीजों में राहत मिलती है | बार-बार hospital जाना पड़ता है |
| Kidney Transplant | नई किडनी से बेहतर काम | लंबे वक़्त तक राहत मिल सकती है | donor की ज़रूरत और infection का खतरा |
| एलोपैथिक दवाइयां | BP और sugar कंट्रोल करने में मदद | बीमारी की गति कम हो सकती है | लगातार monitoring ज़रूरी |
| आयुर्वेदिक उपचार | किडनी की हालत में सुधार | lifestyle और diet सुधारने में मदद | केवल experienced Ayurvedic doctor से इलाज लें |
| Low Protein Diet | किडनी पर दबाव कम | creatinine बढ़ने की गति कम हो सकती है | dietician की सलाह ज़रूरी |
| जीवनशैली में बदलाव | overall health बेहतर | BP और वजन कंट्रोल रहता है | नियमित routine जरूरी |
| Fluid Management | सूजन और सांस की दिक्कत कम | बॉडी में पानी balance रहता है | पानी सीमित मात्रा में लें |
अगर किडनी फेलियर के patients में नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से consult करें –
हल्की और कम protein वाली दाल जैसे धुली हुई मूंग दाल लिमिट में दी जा सकती है।
हाँ, लिमिट में सफेद चावल खाया जा सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
नहीं, नारियल पानी में potassium बहुत ज़्यादा होता है।
सही diet, BP control, diabetes control और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज से मदद मिल सकती है।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई किडनी फेलियर मरीजों ने आयुर्वेदिक दवा और पंचकर्म थेरेपी के साथ-साथ डॉक्टर द्वारा बताए गए diet chart का सख्ती से पालन कर अपनी किडनी में सुधार महसूस किया। कई patients को dialysis से छूटकारा मिला। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन और किडनी damage की stage अलग होती है, इसलिए किसी भी diet change, आयुर्वेदिक उपाय या treatment को शुरू करने से पहले Nephrologist या योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि किडनी फेलियर के मरीज ऊपर बताई गई 7 चीजें बिल्कुल ना खाएं। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी फेलियर की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी फेलियर की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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