किडनी हमारे शरीर का एक बेहद ख़ास अंग है, जो खून साफ करने, शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने और पानी-नमक का बैलेन्स बनाए रखने का काम करती है। लेकिन जब किडनी में इंफेक्शन होने लगता है, तो शुरुआत में इसके लक्षण हल्के होते हैं और अक्सर लोग इन्हें इग्नोर कर देते हैं। इसी वजह से आगे चलकर किडनी डैमेज, क्रॉनिक किडनी डिजीज या यहां तक कि किडनी फेलियर तक हो सकता है। इसलिए, ये जानना ज़रूरी है कि किडनी में इंफेक्शन की शुरुआत कैसे पहचानें। साथ ही किडनी में इंफेक्शन से जुड़ी दूसरी जानकारियाँ भी लेनी चाहिए जो नीचे दी गई हैं।
किडनी इंफेक्शन एक टाइप का यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) है, जो आमतौर पर ब्लेडर से शुरू होकर ऊपर किडनी तक पहुँच जाता है। यह इंफेक्शन आमतौर पर बैक्टीरिया के कारण होता है। अगर वक़्त पर इलाज न किया जाए, तो यह इंफेक्शन किडनी के टिश्यू को नुकसान कर सकता है।
अक्सर नीचे दिए गए कारणों से किडनी इंफेक्शन की शुरुआत होती है:
इस बीमारी में पीठ के निचले हिस्से या कमर के एक तरफ या दोनों तरफ दर्द हो सकता है जो धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
बिना ज़्यादा पानी पिए भी अगर बार-बार पेशाब आ रही है और हर बार मात्रा कम है, तो यह इंफेक्शन का शुरुआती संकेत हो सकता है।
पेशाब का रंग गहरा पीला या मटमैला होना, बदबूदार पेशाब, कभी-कभी पेशाब में झाग या खून आना आदि किडनी इंफेक्शन के ख़ास संकेत हैं।
किडनी इंफेक्शन की शुरुआत में पेशाब करते वक़्त जलन, चुभन या दर्द महसूस हो सकता है। कई लोग इसे नॉर्मल यूरिन इंफेक्शन समझकर इग्नोर कर देते हैं।
शुरुआत में हल्का बुखार, ठंड लगना या शरीर टूटने जैसा महसूस हो सकता है। कई लोग इसे वायरल या मौसम बदलने का असर भी समझ लेते हैं।
कुछ लोगों में किडनी इंफेक्शन की शुरुआत में मतली, उल्टी या भूख न लगना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
अगर बिना ज़्यादा काम किए भी थकान महसूस हो रही है, बॉडी में एनर्जी नहीं है, तो यह किडनी की समस्या का लक्षण हो सकता है।
महिलाओं में यूरिन नली छोटी होती है इसलिए, किडनी इंफेक्शन का खतरा ज़्यादा रहता है और आमतौर पर महिलाओं में ये लक्षण दिखाई देते हैं –
पुरुषों में आमतौर पर प्रोस्टेट बढ़ने या लंबे वक़्त तक यूरिन रोकने से किडनी इंफेक्शन होता है। ऐसे में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं –
किडनी इंफेक्शन को नजरअंदाज करने पर ये बीमारियाँ लग सकती हैं:
हाँ, उपचार न होने पर UTI किडनी इंफेक्शन में बदल सकता है।
यूरिन टेस्ट, ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड से जांच की जाती है।
जब तेज बुखार, उल्टी और पेशाब में खून आने लगे।
गहरा, बदबूदार या मटमैला पेशाब, इंफेक्शन की ओर इशारा करता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि किडनी में इंफेक्शन की शुरुआत कैसे पहचानें। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी में इंफेक्शन की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी में इंफेक्शन का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
AyuKarma Testo Build Capsules combine 12 Ayurvedic herbs and minerals to support strength, energy, stamina, physical performance, nourishment and overall daily vitality.
AyuKarma Hair Lush Capsules combine Ayurvedic herbs to support hair growth, reduce hair fall, strengthen roots, nourish the scalp and promote healthier-looking hair.
Karma Garcom Capsules contain Garcinia indica to support healthy metabolism, digestion, weight management, digestive comfort and daily wellness alongside a balanced lifestyle.
Doctor-recommended liver supplement that helps detoxify the liver, support healthy cholesterol, improve digestion & promote liver health. Developed by Dr. Puneet Dhawan with Karma Ayurveda philosophy.
Second Floor, 77, Block C, Tarun Enclave, Pitampura, New Delhi, Delhi, 110034