अगर त्वचा पर खुजली और लाल दाने हो रहे हैं तो सतर्क हो जाए क्योंकि ये एक्जिमा का संकेत हो सकता है। इनके अलावा कुछ और संकेत भी इस बीमारी में दिखाई देते हैं जिन्हें ignore करने के बजाय सही वक़्त पर एक्जिमा की पहचान कर एक्जिमा का इलाज शुरू करना चाहिए। साथ ही एक्जिमा के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में जानना चाहिए ताकि इलाज में मदद मिल सके।
एक्जिमा एक Chronic Skin Condition है, जिसमें त्वचा में सूजन, खुजली, लालपन और पपड़ी बनने लगती है। यह समस्या बच्चों और बड़ों दोनों में हो सकती है। लेकिन यह रोग संक्रामक नहीं है यानी बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलती।
त्वचा हमारी बॉडी का सबसे बड़ा अंग है, जो हमें बाहरी संक्रमण और प्रदूषण से बचाती है। लेकिन जब त्वचा की सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है, तो खुजली, लालिमा, सूजन और रैशेज जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। इन्हीं समस्याओं में से एक है एक्जिमा, जिसे Atopic Dermatitis भी कहा जाता है। भारत में लाखों लोग इस त्वचा रोग से परेशान हैं। कई बार लोग इसे एलर्जी समझकर ignore कर देते हैं, लेकिन लंबे वक़्त तक अनदेखी करने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।
| इलाज का तरीका | कैसे काम करता है | फायदे | Avoid/Risk |
| Moisturizer | त्वचा को हाइड्रेट रखता है | सूखापन कम करता है | सुगंधित प्रोडक्ट से बचें |
| Steroid Cream | सूजन और खुजली कम करती है | तेज राहत | लंबे वक़्त तक उपयोग से त्वचा पतली हो सकती है |
| Antihistamine | खुजली नियंत्रित करता है | नींद में मदद | उनींदापन |
| Immunotherapy | इम्यून रिस्पॉन्स नियंत्रित | गंभीर मामलों में लाभकारी | डॉक्टर की निगरानी जरूरी |
| आयुर्वेदिक दवा | अंदरूनी सफाई और त्वचा पोषण | प्राकृतिक उपचार | बिना विशेषज्ञ सलाह स्वयं सेवन न करें |
| पंचकर्म | बॉडी डिटॉक्स | लंबे वक़्त के लाभ | केवल विशेषज्ञ से कराएं |
रात में बॉडी का तापमान बढ़ने और त्वचा के सूखने से खुजली बढ़ सकती है।
एलर्जी अचानक होती है, जबकि एक्जिमा लंबे वक़्त तक रहने वाली त्वचा की समस्या है।
हां, बच्चों में यह काफी आम है, खासकर गाल, हाथ और पैरों पर।
गुनगुने पानी से नहाएं और तुरंत moisturizer लगाएं।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों ने एक्जिमा के सही प्रकार और ट्रिगर की पहचान होने के बाद डॉक्टर द्वारा दी गई आयुर्वेदिक दवाएं, हर्बल क्रीम, पंचकर्म, आयुर्वेदिक तेल-लेप और संतुलित डाइट अपनाकर एक्जिमा की समस्या में राहत महसूस की। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन अलग होती है, इसलिए किसी भी आयुर्वेदिक दवा या सपोर्टिव थेरेपी को शुरू करने से पहले अनुभवी Dermatologist या योग्य आयुर्वेदाचार्य से सलाह अवश्य लें।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि त्वचा पर खुजली और लाल दाने होने पर सावधान हो जाए क्योंकि ये एक्जिमा का संकेत हो सकता है। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को त्वचा पर खुजली, लाल दाने या एक्जिमा की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से त्वचा पर खुजली, लाल दाने या एक्जिमा की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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