हाँ, कई cases में किडनी को बिना डायलिसिस भी ठीक किया जा सकता है, लेकिन यह पूरी तरह बीमारी की स्टेज, शरीर की कन्डिशन और बीमारी के कारण पर depend करता है। अगर बीमारी शुरुआती स्टेज में है तो सही इलाज, डाइट और लाइफस्टाइल से किडनी का उपचार बहुत कम समय में किया जा सकता है। इसलिए, किडनी की बीमारी, डायलिसिस के खतरे और बिना डायलिसिस किडनी के उपचार के बारे में जानकारी ज़रूर लेनी चाहिए जो नीचे दी गई है।
किडनी हमारी बॉडी का वो ज़रूरी हिस्सा है जो खून को साफ करने, टॉक्सिन्स निकालने और फ्लूड बैलेंस बनाए रखने का काम करती है। किडनी खराब होने पर कई बार शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण भी साफ नहीं दिखते और कई बार ईन लक्षणों को आम समस्या समझकर ignore कर दिया जाता है जिससे बीमारी बढ़ जाती है। लेकिन, इस stage पर अगर ईन लक्षणों को पहचान लिया जाए तो बिना डायलिसिस भी किडनी को संभालना संभव हो सकता है। किडनी की बीमारी के कुछ ख़ास लक्षण इस प्रकार हैं –
हर किडनी मरीज को डायलिसिस की ज़रूरत नहीं होती। डायलिसिस आमतौर पर तब किया जाता है जब किडनी 80 से 90% तक खराब हो जाती है (End Stage Kidney Disease)। लेकिन उससे पहले के स्टेज (Stage 1 से Stage 3) में बिना डायलिसिस भी किडनी को काफी हद तक बेहतर किया जा सकता है।
| इलाज का तरीका | कैसे काम करता है | किन लोगों के लिए सही | Avoid/Risk |
| एलोपैथी | BP, शुगर और लक्षण कंट्रोल करता है | शुरुआती से मध्यम स्टेज | लम्बे वक़्त तक दवाइयों के साइड इफेक्ट |
| Dialysis | खून को मशीन से साफ करता है | एडवांस स्टेज | महंगा, बार-बार करना पड़ता है |
| Lifestyle Changes | डाइट और रूटीन सुधार | सभी स्टेज में जरूरी | लापरवाही से असर नहीं दिखता |
| आयुर्वेद | जड़ से सुधार पर फोकस | शुरुआती और मध्यम स्टेज | गलत या बिना सलाह के करने पर रिस्क |
| घरेलू उपचार | सपोर्टिव केयर | हल्के लक्षणों में | ज्यादा भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है |
किडनी मरीज के लिए डाइट बहुत अहम होती है। नमक कम करें, प्रोटीन कंट्रोल में लें, पोटैशियम और फॉस्फोरस का ध्यान रखें। साथ ही पैकेज्ड और जंक फूड से दूर रहें।
हर मरीज के लिए पानी की मात्रा अलग होती है। ज़्यादा या कम पानी दोनों नुकसान कर सकते हैं, इसलिए डॉक्टर से consult करके ही पानी की मात्रा fix करें।
High BP और Diabetes किडनी के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इन्हें कंट्रोल में रखना बहुत ज़रूरी है।
क्रिएटिनिन, यूरिया और GFR की जांच समय-समय पर कराते रहना चाहिए।
कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां किडनी के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं, जैसे ‘पुनर्नवा’ सूजन कम करने में मदद करती है, ‘गोखरू’ यूरिन फ्लो बेहतर करती है और ‘वरुण’ किडनी को डिटॉक्स करता है।
ईन therapies में आयुर्वेदिक तेल, जड़ी-बूटियों और लेप आदि की मदद से शरीर के दोषों को balance किया जाता है, toxins बाहर निकाले जाते हैं और किडनी पर load कम किया जाता है।
आयुर्वेद में सात्विक diet पर जोर दिया जाता है। हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाएँ, ताज़े फल और सब्जियां लें। साथ ही ज्यादा मसाले वाला और तला-भुना खाना Avoid करें।
आयुर्वेद में शरीर को naturally साफ करने पर जोर दिया जाता है, जिससे किडनी पर load कम हो। इसके लिए herbal drinks, काढ़ा आदि का use किया जाता है।
हाँ, कई cases में 70-80% तक खराब हो चुकी किडनी को भी बिना डायलिसिस पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
हाँ, आयुर्वेदिक उपचार से बिना डायलिसिस क्रिएटिनिन 5 या उससे ऊपर कंट्रोल हो सकता है।
हाँ, अगर सही वक़्त पर इलाज शुरू हो जाए तो बीमारी को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।
लो पोटैशियम वाले फल जैसे सेब, नाशपाती और पपीता खाएँ।
Clinical Experience: हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई किडनी मरीजों ने डॉक्टर द्वारा दी गई आयुर्वेदिक दवाइयों, संतुलित डाइट और योग आदि अपनाकर अपनी किडनी को बिना डायलिसिस पूरी तरह ठीक किया। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन, किडनी डैमेज की स्टेज और बॉडी की प्रतिक्रिया अलग होती है, इसलिए किसी भी इलाज, आयुर्वेदिक दवा या डाइट प्लान को शुरू करने से पहले Nephrologist या योग्य डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
Medical Review: यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि क्या बिना डायलिसिस किडनी ठीक हो सकती है। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से बिना डायलिसिस किडनी की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ किडनी के लिए रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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