अक्सर लोगों को अचानक कमर के पीछे या पेट के साइड में तेज दर्द महसूस होता है, जिसे आमतौर पर किडनी पेन कहा जाता है। यह दर्द इतना तेज हो सकता है कि व्यक्ति चलने-फिरने में भी दिक्कत महसूस करने लगता है। कई रोगी बताते हैं कि दर्द अचानक शुरू होता है और कुछ ही समय में असहनीय हो जाता है। इसलिए, ये समझना ज़रूरी है कि किडनी पेन अचानक क्यों बढ़ जाता है? इसके असली कारण जानने चाहिए। साथ ही किडनी पेन से जुड़ी दूसरी अहम जानकारी लेनी चाहिए जो नीचे शेयर की गई है।
आमतौर पर किडनी पेन पीठ के निचले हिस्से में, पसलियों के नीचे, एक या दोनों तरफ महसूस होता है। कई बार यह दर्द पेट, जांघ या ग्रोइन तक भी फैल जाता है। यह दर्द हल्का भी हो सकता है और अचानक बहुत तेज़ भी हो सकता है।
नीचे दिए गए ईन कारणों से किडनी पेन अचानक बढ़ सकता है –
1. किडनी स्टोन
यह किडनी पेन अचानक बढ़ने का सबसे बड़ा कारण होता है। जब पथरी मूत्र नली में फंस जाती है, तो पेशाब का रास्ता रुक जाता है और तेज दर्द शुरू हो जाता है। ऐसे में अचानक तेज दर्द, पेशाब में जलन, पेशाब में खून, उल्टी और जी मिचलाना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
2. यूरिन इंफेक्शन (UTI)
जब किडनी या मूत्र मार्ग में इंफेक्शन हो जाता है, तो सूजन की वजह से तेज दर्द होने लगता है। पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, बुखार, बदबूदार पेशाब इसके ख़ास लक्षण हैं।
3. किडनी में सूजन
किडनी में सूजन होने पर अचानक दर्द बढ़ सकता है। यह सूजन इंफेक्शन, हाई बीपी या डायबिटीज के कारण हो सकती है।
4. पेशाब रुक जाना
जब भी पेशाब ठीक से नहीं निकल पाता, तो किडनी पर लोड़ बढ़ जाता है और अचानक दर्द शुरू हो जाता है।
5. डिहाइड्रेशन/पानी की कमी
बॉडी में पानी की कमी होने पर पेशाब गाढ़ा हो जाता है और किडनी पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे अचानक दर्द महसूस हो सकता है।
6. किडनी में इंफेक्शन या पस
अगर किडनी में पस बन जाए या गंभीर इंफेक्शन हो जाए, तो तेज़ दर्द के साथ बुखार और कमजोरी भी महसूस होती है।
7. ब्लड क्लॉट या ब्लॉकेज
किडनी की नसों में ब्लड क्लॉट बनने से अचानक तेज़ दर्द हो सकता है।
आयुर्वेद में किडनी को वृक्क कहा जाता है और इसे मूत्रवह स्रोतस का ख़ास अंग माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार किडनी पेन मुख्य रूप से ईन तीन दोषों के असंतुलन के कारण होता है –
1. वात दोष
वात दोष दर्द का ख़ास कारण होता है। जब वात बढ़ जाता है, तो मूत्र मार्ग सिकुड़ जाता है और तेज दर्द उत्पन्न होता है।
2. पित्त दोष
पित्त बढ़ने से जलन, सूजन और इंफेक्शन होता है, जिससे किडनी में दर्द बढ़ जाता है।
3. कफ दोष
कफ दोष के बढ़ने से मूत्र मार्ग में ब्लॉकेज होता है, जिससे पेशाब रुक जाता है और दर्द पैदा होता है।
नीचे दी गई ये आदतें न अपनाएँ –
किडनी पेन गहरा और अंदरूनी होता है, जबकि कमर दर्द मांसपेशियों से जुड़ा होता है।
दर्द एक तरफ या दोनों तरफ हो सकता है, यह समस्या पर डिपेंड करता है।
तेज दर्द में उल्टी और जी मिचलाना आम लक्षण है।
यह दर्द के कारण पर निर्भर करता है और कुछ घंटे से लेकर कई दिन तक रह सकता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको ‘किडनी पेन अचानक क्यों बढ़ जाता है? असली कारण जानें’ पर जानकारी दी। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी में दर्द की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी में दर्द का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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