आयुर्वेद के अनुसार, गलत खानपान और शरीर में जमा हुई गंदगी (टॉक्सिन्स) किडनी पर बुरा असर डालते हैं। पंचकर्म, औषधीय जड़ी-बूटियाँ काढ़ा किडनी की शुद्धि और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं। वहीं योगासन ब्लड सर्कुलेशन को बैलन्स करते हैं और स्ट्रेस कम करके किडनी को हेल्थी रखने में मदद करते हैं। इस प्रकार, किडनी रोगियों के लिए योग और आयुर्वेद का जोड़ एक सुरक्षित, प्रभावी और लंबे समय तक लाभ देने वाला समाधान माना जाता है, जिससे डायलिसिस या ट्रांसप्लांट की नौबत टाली जा सकती है। लेकिन, पहले किडनी रोग के कारण समझ लेने चाहिए ताकि इलाज में आसानी हो।
यह आसन रीढ़ को स्ट्रॉंग बनाता है और पेट के अंगों, खासकर किडनी पर अच्छा असर डालता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और किडनी में जमा हुए टॉक्सिन बाहर निकलने में मदद मिलती है।
खाने के बाद करने योग्य यह आसन डाइजेशन सुधारता है। सही पाचन से शरीर में वेस्ट मटेरियल कम बनते हैं, जिससे किडनी पर बोझ घटता है।
यह आसन गैस, कब्ज और डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतें कम करता है। शरीर से ज़हरीले तत्त्व बाहर करने में सहायक होता है और किडनी पर पोज़िटिव इफेक्ट डालता है।
इससे रीढ़ और पेट के अंगों में खिंचाव आता है। किडनी, लिवर और पाचन अंगों को ऐक्टिव कर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाता है।
यह प्राणायाम स्ट्रेस दूर करता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखता है जिससे किडनी को बड़ा फायदा मिलता है।
इससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। खून साफ़ होता है और किडनी की कार्यक्षमता बेहतर होती है।
अनुभवी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह के साथ ईन दवाओं का इस्तेमाल करने से किडनी रोग का आयुर्वेदिक उपचार किया जा सकता है।
हाँ, कई मामलों में सही आयुर्वेदिक दवा और जीवनशैली अपनाकर डायलिसिस टाला जा सकता है, लेकिन यह डॉक्टर की देखरेख में ही संभव है।
सेतु बंधासन और पवनमुक्तासन सूजन कम करने और ब्लड फ्लो को सही करने में मददगार हैं।
रेगुलर योगाभ्यास और आयुर्वेदिक औषधियों से ब्लड साफ़ होता है और शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं, जिससे क्रिएटिनिन का लेवल कंट्रोल हो सकता है।
हाँ, डॉक्टर की सलाह से पंचकर्म थैरेपी (विरेचन, बस्ती आदि) किडनी रोग में गंदगी बाहर निकालने और किडनी को डिटॉक्स करने में मदद करती है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि किडनी रोग के लिए योग और आयुर्वेद का क्या महत्व है। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आपको या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी की समस्या है तो तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपना इलाज करवा सकते हैं। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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