आम तौर पर लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ गलत आदतों की वजह से शरीर में थकान और आलस बना रहता है लेकिन, इसके पीछे और भी दूसरी वजहें होती हैं जैसे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं। ईन कारणों को डीटेल में जानकार थकान और आलस्य दूर करने के आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाने चाहिए क्योंकि हर बार थकान या आलस होने पर एनर्जी और बॉडी को ऐक्टिव करने के लिए अंग्रेज़ी दवाइयाँ खाना आपकी नेचुरल एनर्जी और इम्यूनिटी को कम कर सकता है इसलिए, आयुर्वेदिक तरीका एक बेहतर चुनाव है।
1. अश्वगंधा: इसे “इंडियन जिनसेंग” भी कहा जाता है। यह बॉडी की एनर्जी, स्टैमिना और इम्यूनिटी बढ़ाती है। 1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को दूध में मिलाकर सुबह-शाम रोज़ाना लें।
2. शतावरी: यह पौधा शरीर को पोषण देने के साथ-साथ मानसिक शांति भी देता है। महिलाओं में थकान और हार्मोन का बैलेन्स बिगड़ने की दिक्कत दूर करने में मदद करती है। 1 चम्मच शतावरी चूर्ण को गुनगुने दूध या शहद के साथ लें।
3. च्यवनप्राश: यह 40 से भी ज़्यादा जड़ी-बूटियों से बना होता है जिसमें आंवला, अश्वगंधा, पिप्पली, शतावरी जैसी औषधियां होती हैं। यह इम्यूनिटी बढ़ाकर आलस्य और थकान को दूर करता है। सुबह खाली पेट 1 चम्मच च्यवनप्राश गुनगुने दूध के साथ लें।
4. ब्राह्मी और शंखपुष्पी: अगर थकान मानसिक है यानी पढ़ाई, काम या तनाव से जुड़ी है, तो ब्राह्मी और शंखपुष्पी बहुत फायदेमंद हैं। 1 चम्मच ब्राह्मी सिरप या पाउडर को सुबह-शाम गुनगुने पानी के साथ लें। शंखपुष्पी का सिरप भी फ़ोकस और शांति के लिए लिया जा सकता है।
5. त्रिफला: यह हरड़, बहेड़ा और आंवला से बनी दवाई है जो डाइजेस्टिव सिस्टम को स्ट्रॉंग करती है और शरीर से गंदगी यानी टॉक्सिन्स निकालती है। डाइजेशन सुधर जाएगा तो बॉडी में एनर्जी भरपूर होगी। इसलिए, रात को सोने से पहले 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें।
6. गुड़ और घी का सेवन: थकान के समय थोड़ी मात्रा में गुड़ और घी का मिश्रण खाने से बॉडी को तुरंत एनर्जी मिलती है। आयुर्वेद में इसे “नेचुरल एनर्जी बूस्टर” कहा गया है।
7. तुलसी और अदरक की चाय: यह मिश्रण बॉडी को डिटॉक्स करता है और मन को फ्रेश रखता है। अगर सुबह-सुबह ये चाय पी ली जाए तो आलस्य दूर हो जाएगा। 5 तुलसी के पत्ते, आधा इंच अदरक का टुकड़ा, और थोड़ा सा शहद उबालकर चाय बनाएं।
हाँ, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम से मानसिक शांति और फोकस बढ़ता है। ध्यान मन को बैलन्स करता है, जिससे आलस्य और थकान कम होती है।
संतुलित खाना, अच्छी नींद, रेगुलर योग और अश्वगंधा का सेवन एनर्जी बढ़ाने के नेचुरल उपाय हैं। साथ ही दिन की शुरुआत नींबू-शहद वाले पानी से करें।
हाँ, अगर लगातार थकान बनी रहे तो यह एनीमिया, थायरॉइड, डायबिटीज या किडनी की समस्या के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
ब्राह्मी, शंखपुष्पी और जटामांसी मानसिक थकान के लिए बहुत फायदेमंद आयुर्वेदिक दवाइयाँ हैं।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको थकान और आलस्य दूर करने के आयुर्वेदिक नुस्खे बताए। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आपको या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को थकान और आलस्य की समस्या है तो तुरंत किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपना इलाज करवा सकते हैं। हेल्थ से जुड़े ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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