लिवर हमारी बॉडी का एक बहुत ज़रूरी अंग है। यह बॉडी को डिटॉक्स करता है, पाचन में मदद करता है, खून साफ रखता है, पोषक तत्वों को प्रोसेस करता है और हार्मोन का बैलेन्स बनाए रखता है। सबसे गंभीर बात यह है कि लिवर बिना दर्द दिए भी खराब हो सकता है, इसलिए लोग इसके शुरुआती लक्षणों को अक्सर इग्नोर कर देते हैं जिस वजह से लिवर की गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। इसलिए, थोड़ा अलर्ट रहना चाहिए और ये ज़रूर जानना चाहिए कि लिवर खराब होने पर शरीर कौन-कौन से संकेत देता है? लेकिन पहले ये समझ लें कि आखिर लिवर खराब होता क्यों है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है।
1. भूख न लगना और वजन कम होना
लिवर डाइजेशन से जुड़ा ख़ास अंग है। इसके खराब होने पर भूख कम लगती है, खाना खाने का मन नहीं करता, बिना किसी वजह के वजन घटने लगता है। यह इसलिए होता है क्योंकि लिवर पित्त का प्रोडक्शन कम करता है, जो फैट पचाने में हेल्प करता है।
2. लगातार थकान लगना और कमज़ोरी महसूस होना
लिवर खराब होने का सबसे आम लक्षण है, बिना ज़्यादा काम किए भी थकावट होना। जब लिवर सही तरह से गंदगी को बाहर नहीं निकाल पाता तो ये ज़हरीले तत्त्व बॉडी में जमा होने लगते हैं। इसका सीधा असर एनर्जी लेवल पर पड़ता है और इंसान हमेशा थका-थका महसूस करता है। अगर अच्छी नींद लेने के बाद भी कमज़ोरी बनी रहे, तो यह लिवर की समस्या हो सकती है।
3. मतली, उल्टी और जी मिचलाना
लिवर खराब होने पर बॉडी में जमा टॉक्सिन्स सीधे डाइजेशन पर बुरा असर डालते हैं। इसके कारण बार-बार मतली आना, सुबह खाली पेट उल्टी जैसा लगना, खाने के बाद जी घबराना आदि दिक्कतें होती हैं। शुरुआत में लोग इसे गैस या एसिडिटी समझकर इग्नोर कर देते हैं, जो आगे चलकर नुकसान देता है।
4. पेट में सूजन और भारीपन
लिवर खराब होने पर पेट में पानी भरने लगता है, जिसे एसाइटिस कहते हैं। ऐसे में पेट फूलना, भारीपन महसूस होना, बैठने या झुकने में परेशानी आदि लक्षण दिखाई देते हैं।
5. हाथ-पैर और चेहरे पर सूजन
जब लिवर प्रोटीन (एल्ब्यूमिन) कम बनाता है, तो बॉडी में फ्लूड बैलेंस बिगड़ जाता है। इससे पैरों में सूजन, टखनों के आसपास सूजन, चेहरे पर फुलाव आदि लक्षण दिखते हैं जिसे लोग अक्सर हार्ट या किडनी की समस्या समझ लेते हैं।
6. आंखों और स्किन का पीला पड़ना
यह लिवर खराब होने का सबसे साफ और सिरियस लक्षण है। जब लिवर बिलीरुबिन को सही तरह से प्रोसेस नहीं कर पाता, तो यह खून में बढ़ जाता है जिससे आंखों और स्किन पर पीलापन नज़र आता है, साथ ही पेशाब गहरा पीला पड़ जाता है। यह कन्डिशन पीलिया कहलाती है जिसमें तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है।
7. स्किन पर खुजली और रैश
लिवर खराब होने पर बॉडी में बाइल सॉल्ट्स जमा होने लगते हैं, जिससे खुजली, त्वचा पर लाल चकत्ते, जलन या एलर्जी जैसी समस्या होती है।
8. पेशाब और मल में बदलाव
लिवर की दिक्कत में पेशाब गहरे पीले या भूरे रंग का हो जाता है और मल का रंग हल्का या सफेद हो जाता है। यह लक्षण बताता है कि पित्त का फ्लो ठीक से नहीं हो रहा।
9. आसानी से चोट लगना या ब्लीडिंग होना
लिवर खून जमाने वाले तत्व बनाता है। इसके खराब होने पर मामूली चोट में भी खून ज्यादा बहना, नाक से खून, मसूड़ों से खून आने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
10. मेमोरी पावर कम होना और भ्रम की कन्डिशन
जब लिवर टॉक्सिन्स को साफ नहीं कर पाता, तो ये दिमाग में पहुँचकर याददाश्त कमज़ोर कर सकते हैं। साथ ही भ्रम, फोकस करने में परेशानी या नींद न आने की दिक्कत हो सकती है। यह कन्डिशन हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी कहलाती है और गंभीर मानी जाती है।
क्योंकि पित्त रस कम बनता है।
ऐसा होने पर चेहरा पीला पड़ जाता है। साथ ही सूजन और थकान दिखाई देती है।
जब आंखें पीली हों, पेट सूजे या कमज़ोरी ज़्यादा हो तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
हाँ, लिवर की खराबी में अक्सर दर्द नहीं होता।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि लिवर खराब होने पर शरीर कौन-कौन से संकेत देता है? लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को लिवर की कोई भी समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से लिवर का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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