किडनी पूरे दिन में लगभग 180 से 200 लीटर तक खून फ़िल्टर करती है। साथ ही यह गंदे टॉक्सिन्स बाहर निकालती है और बॉडी में पानी व मिनरल्स का balance बनाकर रखती है। इसलिए, जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो इसका असर पूरी बॉडी पर पड़ता है। गंभीर बात ये है कि किडनी खराब होने के लक्षण भी तुरंत नहीं दिखते; अक्सर जब तक पता चलता है तब तक बहुत देर हो जाती है। ऐसे में किडनी रोग के घरेलू उपाय बहुत उपयोगी होते हैं। ये किडनी को ज़्यादा खराब होने से बचाते हैं और किडनी के उपचार में बड़ी मदद करते हैं।
नीचे दिए गए ये लक्षण देखकर किडनी रोग की पहचान की जा सकती है –
पानी किडनी के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ है। यह किडनी को साफ रखने में मदद करता है और टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है। लेकिन किडनी रोगियों को ज़रूरत से ज़्यादा पानी भी नहीं पीना चाहिए। डॉक्टर से पूछकर ही पानी की मात्रा तय करें। आमतौर पर थोड़े-थोड़े break में पानी पीना बेहतर होता है।
ज़्यादा नमक से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिससे किडनी पर extra pressure पड़ता है। घर का बना simple खाना खाएँ। Packed food, chips, नमकीन, अचार और fast food से दूरी बनाए। किडनी रोगी सेंधा नमक ही लें वो भी लिमिट में।
भारी, तला-भुना और ज़्यादा मसालेदार खाना नुकसान कर सकता है। सादी दाल (डॉक्टर की सलाह अनुसार), रोटी, लौकी, तोरी, गाजर जैसी चीज़ें फायदेमंद मानी जाती हैं। Overeating से बचें और fix time पर भोजन करें।
आयुर्वेद मानता है कि वात और कफ दोष के बिगड़ने से किडनी रोग होता है। साथ ही जब शरीर में toxins जमा हो जाते हैं और मूत्र प्रणाली सही से काम नहीं करती तो किडनी कमजोर होने लगती है।
किडनी रोग का एक आसान घरेलू उपाय है – धनिया पानी। रात में एक चम्मच धनिया के बीज पानी में भिगो दें। सुबह उसे उबालकर छान लें और हल्का गुनगुना पीएँ। यह पेशाब को साफ रखने और सूजन कम करने में help करता है।
लौकी किडनी रोगियों के लिए एक हल्की और पानी से भरपूर सब्ज़ी है। यह बॉडी को हाइड्रेट रखने में help करती है और digestion भी आसान बनाती है। लौकी की सब्ज़ी या लौकी का सूप (बिना ज़्यादा नमक) ले सकते हैं।
Painkiller और बिना डॉक्टर को पूछे ली गई दवाइयाँ किडनी को नुकसान पहुँचा सकती हैं। अगर पहले से किडनी की बीमारी है, तो किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर से पूछना बहुत ज़रूरी है।
पुनर्नवा, गोक्षुर, वरुण जैसी जड़ी-बूटियों को आयुर्वेद में किडनी के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है। लेकिन इन्हें खुद से लेना सही नहीं है। किसी अनुभवी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी आयुर्वेदिक दवा न लें।
ज़्यादा स्ट्रेस लेने से हार्मोनल imbalance होता है, जो किडनी पर असर डाल सकता है। रोज़ 7 से 8 घंटे की नींद लें। हल्की वॉक, meditation और deep breathing से stress कम किया जा सकता है।
शराब और सिगरेट किडनी को बहुत नुकसान देते हैं। ये ब्लड सर्कुलेशन और फिल्ट्रेशन की process खराब कर देते हैं। अगर किडनी रोग से बचना या कंट्रोल करना है, तो इनसे दूरी बनाना ज़रूरी है।
हल्का योग और गहरी सांस लेना stress कम करने में मदद कर सकते हैं।
यह किडनी function बिगड़ने का एक लक्षण हो सकता है।
जब किडनी पानी और नमक बाहर नहीं निकाल पाती, तब body में सूजन आ जाती है।
घरेलू उपाय किडनी को support कर सकते हैं, लेकिन इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको किडनी रोग के घरेलू उपाय बताए। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी रोग है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी रोग का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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