आजकल लड़कियों और महिलाओं में PCOD की समस्या तेजी से बढ़ रही है जिसका पूरा नाम Polycystic Ovarian Disease है। इस condition में महिलाओं के ovaries (अंडाशय) में छोटे-छोटे cyst बनने लगते हैं और हार्मोनल imbalance हो जाता है। ऐसे में हर महिला के मन में ये सवाल पैदा होता है – क्या PCOD हमेशा रहती है? या ठीक हो सकती है? इस सवाल का जवाब और PCOD से जुड़ी सारी ज़रूरी जानकारी नीचे शेयर की गई है जो PCOD के इलाज में बहुत फायदा पहुँचा सकती है।
PCOD एक हार्मोन से जुड़ी समस्या है। इसमें बॉडी में पुरुष hormone, एण्ड्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है। इसकी वजह से पीरियड्स irregular हो जाते हैं, वजन बढ़ने लगता है, चेहरे पर बाल आ सकते हैं, मुंहासे बढ़ सकते हैं और कभी-कभी गर्भधारण में दिक्कत भी आती है। यह बीमारी एक दिन में होने वाली नहीं है। lifestyle और हार्मोनल बदलाव के कारण यह धीरे-धीरे बढ़ती है।
PCOD एक क्रोनिक condition मानी जाती है। इसका मतलब है कि यह लंबे वक़्त तक रह सकती है। लेकिन, ऐसा नहीं है कि यह कभी ठीक नहीं हो सकती। सही lifestyle, सही खान-पान और regular treatment से इसके लक्षण पूरी तरह कंट्रोल किए जा सकते हैं। रेगुलर सही इलाज, जांच, सात्विक डाइट और योग-ध्यान आदि से वजन कम किया जा सकता है, हार्मोन balance हो सकते हैं, पीरियड्स नियमित हो सकते हैं और pregnancy की संभावना बढ़ सकती है। कई महिलाओं में तो लक्षण इतने कम हो जाते हैं कि वे बिल्कुल नॉर्मल जीवन जीती हैं।
ईन तरीकों का इस्तेमाल करके PCOD को ठीक किया जा सकता है –
सिर्फ 5 से 10% वजन कम करने से भी बहुत फर्क पड़ सकता है। इससे insulin resistance कम होता है और पीरियड्स रेगुलर हो सकते हैं।
रोज कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या light workout करें। इससे हार्मोन balance होते हैं और बॉडी active रहती है।
मीठा और मैदा कम करें। हरी सब्जियाँ, सलाद, दालें खाएँ। ज़्यादा oily और fried food avoid करें। पानी सही मात्रा में पिएँ। Low glycemic index वाली डाइट PCOD में फायदेमंद मानी जाती है।
Stress हार्मोनल imbalance को बढ़ा सकता है। इसलिए, ध्यान, प्राणायाम और अच्छी नींद बहुत ज़रूरी है ताकि स्ट्रेस कम हो।
अशोक, लोधरा, शतावरी और गुडमार जैसी जड़ी-बूटियाँ हार्मोन balance करने में मदद कर सकती हैं। त्रिफला और दालचीनी से metabolism सुधरता है और वजन कंट्रोल किया जा सकता है। कुछ मामलों में कांचनार गुग्गुल या अशोकारिष्ट जैसी आयुर्वेदिक दवा भी ली जा सकती है। लेकिन कोई भी दवा लेने से पहले योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
यह एक बहुत common भ्रम है। कई लोग कहते हैं कि शादी या बच्चा होने के बाद PCOD ठीक हो जाती है। सच यह है कि pregnancy के दौरान हार्मोन के बदलाव से कुछ वक़्त के लिए लक्षण कम हो सकते हैं। लेकिन अगर lifestyle वही रही, तो समस्या दोबारा आ सकती है।
ऐसा जरूरी नहीं है। अगर lifestyle सुधर जाए और सही treatment मिले तो पीरियड्स रेगुलर हो सकते हैं। कई लड़कियों में सिर्फ diet और exercise से ही फर्क दिखने लगता है।
यह भी एक भ्रम है। पतली लड़कियों में भी हार्मोनल imbalance की वजह से PCOD हो सकती है।
ज़्यादा मीठा और जंक फूड कम करना ज़रूरी है, क्योंकि यह insulin level बढ़ाता है।
हाँ, male hormone बढ़ने से मुंहासे और चेहरे पर बाल बढ़ सकते हैं।
बिना lifestyle सुधारे PCOD का अपने आप ठीक होना मुश्किल है।
दोनों लगभग समान conditions हैं, लेकिन PCOS को ज़्यादा गंभीर रूप माना जाता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि “क्या PCOD हमेशा रहती है? या ठीक हो सकती है?” लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को PCOD की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या :contentReference[oaicite:0]{index=0} में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से PCOD की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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