ज़्यादातर मामलों में नसों को नुकसान (nerve damage) होने की वजह से डायबिटीज में पैरों में सुन्नपन होता है। जब ब्लड शुगर लंबे वक़्त तक कंट्रोल में नहीं रहता, तो यह नसों को कमजोर कर देता है, जिससे पैरों में सुन्नपन और झनझनाहट महसूस हो सकती है। जब ब्लड में शुगर लेवल लगातार ज़्यादा रहता है, तो यह नसों (nerves) को नुकसान पहुंचाता है। इस कन्डिशन को Diabetic Neuropathy कहा जाता है।
ऐसा होने पर पैरों की नसें धीरे-धीरे कमजोर हो जाती हैं, जिससे सुन्नपन, झनझनाहट और जलन हो सकती है।
डायबिटीज में ब्लड फ्लो कम हो जाता है, जिससे पैरों तक सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचती जिससे सुन्नपन बढ़ जाता है।
ब्लड शुगर के लंबे वक़्त तक कंट्रोल में न रहने से nerves damage बढ़ सकता है।
Vitamin B12 की कमी भी नसों पर असर डालती है, जिससे पैरों में सुन्नपन हो सकता है।
ज़्यादा देर तक बैठना, एक्सरसाइज न करना, स्मोकिंग और अल्कोहल – ये सभी कारण इस समस्या को बढ़ा सकते हैं।
इसका इलाज ख़ासकर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और नसों को मजबूत करने पर आधारित होता है। डायबिटीज का ट्रीटमेंट आमतौर पर ईन तरीकों से होता है –
इसमें शुगर कंट्रोल करने की दवाइयाँ, Nerve pain medicines और Vitamin supplements दिए जाते हैं।
रोज वॉक करें, हेल्दी डाइट लें, शुगर और जंक फूड से बचें, पैरों की सफाई और देखभाल रखें।
कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां ब्लड शुगर कंट्रोल और nerves को मजबूत करने में मदद कर सकती हैं जैसे – अश्वगंधा, गुडमार, मेथी। लेकिन, ईन दवाओं को आयुर्वेदिक डॉक्टर से consult करने के बाद ही लें।
हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेथी और करेला खाएँ। साथ ही मीठा और शुगर वाली चीजें, तला-भुना खाना, कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड फूड का परहेज़ करें।
नसों पर असर पड़ने से signals सही से pass नहीं होते, जिससे झनझनाहट हो सकती है।
नहीं, यह किसी भी उम्र के diabetic रोगी में हो सकती है।
यह शुरुआत में आता-जाता है, लेकिन ध्यान न देने पर लगातार रह सकता है।
Clinical Experience: हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई डायबिटीज मरीजों में यह देखा गया है कि पैरों में सुन्नपन (Diabetic Neuropathy) के सही कारण (जैसे लंबे वक़्त तक हाई ब्लड शुगर, कमजोर ब्लड सर्कुलेशन या विटामिन की कमी) की पहचान होने के बाद, डॉक्टर द्वारा दी गई आयुर्वेदिक दवाइयों और संतुलित डाइट अपनाने पर झनझनाहट, जलन और सुन्नपन में सुधार महसूस हुआ। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन, शुगर लेवल और नसों की डैमेज अलग होती है, इसलिए किसी भी दवा, घरेलू उपाय या सपोर्टिव थेरेपी को शुरू करने से पहले Diabetologist या योग्य डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
Medical Review: यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि ‘डायबिटीज में पैरों में सुन्नपन क्यों होता है?’ लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को डायबिटीज की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से डायबिटीज और पैरों में सुन्नपन की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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