आयुर्वेद में घुटनों के दर्द के लिए सबसे अच्छी दवाओं में योगराज गुग्गुल, महायोगराज गुग्गुल, शल्लकी, अश्वगंधा और निर्गुंडी ख़ास हैं। ये दवाएं सुरक्षित तरीके से दर्द, सूजन और जकड़न को कम करने के साथ-साथ जोड़ों को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करती हैं। घुटनों के दर्द की सही आयुर्वेदिक दवा मरीज की उम्र, दर्द के कारण और उसकी गंभीरता के हिसाब से तय की जाती है। इसलिए किसी भी दवा को लेने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
घुटनों का दर्द आज हर उम्र के लोगों में देखने को मिल रहा है। Painkillers जहां कुछ वक़्त के लिए आराम देती है, वहीं आयुर्वेदिक दवाएं दर्द की जड़ पर काम करती हैं। ये दवाएं वात दोष को balance करती हैं, सूजन कम करती हैं और Cartilage को पोषण देती हैं। घुटनों के दर्द की आयुर्वेदिक दवा का काम केवल दर्द दबाना नहीं, बल्कि जोड़ों को मजबूत बनाना है। इसके रेगुलर सेवन से घुटनों की flexibility बढ़ती है और चलने-फिरने में आसानी होती है। सबसे अच्छी बात यह है कि सही तरीके से लेने पर आयुर्वेदिक दवाओं के side effects न के बराबर होते हैं।
यह घुटनों के दर्द, सूजन और जकड़न को कम करने के लिए सबसे famous आयुर्वेदिक दवा है जो वात दोष को balance करती है।
पुराने और serious घुटनों के दर्द में यह दवा बहुत उपयोगी मानी जाती है। यह जोड़ों की जकड़न कम करती है।
शल्लकी प्राकृतिक anti-inflammatory जड़ी-बूटी है। यह Cartilage को सुरक्षित रखने में मदद करती है।
यह मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करता है। यह दवा कमजोरी और दर्द में फायदा पहुंचाती है।
सूजन और दर्द को कम करने में निर्गुंडी बेहद असरदार है।
हड्डियों और लिगामेंट्स को मजबूत बनाने में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
यह सूजन और वात रोगों में आराम पहुँचाता है।
पुराने गठिया और जोड़ों के दर्द में फायदेमंद है।
यह Arthritis और Joint Pain में उपयोगी दवा है।
| दवा | असर | फायदा | सेवन का तरीका | सावधानी |
| योगराज गुग्गुल | वात कम करे | दर्द और सूजन में राहत | डॉक्टर की सलाह अनुसार | गर्भवती महिलाएं बिना सलाह न लें |
| महायोगराज गुग्गुल | जकड़न कम करे | पुराने दर्द में लाभ | भोजन के बाद | निर्धारित मात्रा ही लें |
| शल्लकी | Anti-inflammatory | Cartilage सुरक्षा | Capsule/Tablet | एलर्जी होने पर बंद करें |
| अश्वगंधा | ताकत बढ़ाए | मांसपेशियां मजबूत | दूध के साथ | Thyroid मरीज सावधानी रखें |
| निर्गुंडी | सूजन कम करे | Pain Relief | Tablet या तेल | अधिक सेवन से बचें |
| हड़जोड़ | हड्डियां मजबूत | Ligament Support | चूर्ण/कैप्सूल | विशेषज्ञ की सलाह लें |
घुटनों के दर्द में हल्दी, अदरक, लहसुन, तिल, अलसी, अखरोट और हरी पत्तेदार सब्जियां बेहद फायदेमंद होती हैं। दूध, दही और कैल्शियम वाली चीज़ें हड्डियों को मजबूत बनाती हैं। Vitamin C वाले फल जैसे आंवला, संतरा और अमरूद Collagen बढ़ाते हैं। ईन चीज़ों को डाइट में शामिल करने के साथ-साथ कुछ चीज़ों से दूरी बनाना भी ज़रूरी है, जैसे – तली-भुनी चीज़ें, Cold Drinks, ज़्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड। यह भी ज़रूरी है कि आप सही मात्रा में पानी पियें।
आयुर्वेद में पंचकर्म थेरेपी घुटनों के दर्द के लिए बेहद असरदार मानी जाती है। जानु बस्ती, अभ्यंग, स्वेदन और बस्ती कर्म से सूजन, दर्द और जकड़न कम होती है। जानु बस्ती में औषधीय तेल को घुटनों पर कुछ वक़्त तक रखा जाता है, जिससे गहराई तक पोषण मिलता है। अभ्यंग से Blood Circulation बेहतर होता है। रेगुलर थेरेपी से घुटनों की mobility बढ़ती है और सर्जरी की ज़रूरत को टाला जा सकता है।
योग्य आयुर्वेदिक की सलाह से दवा लेने पर side effects न के बराबर होते हैं।
आमतौर पर 4 से 8 हफ्तों में सुधार महसूस होने लगता है।
हाँ, कई cases में आयुर्वेद Knee Replacement से बचा सकता है।
हाँ, लेकिन केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार।
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