जब किडनी में कोई नुकसान होता है या बड़ी समस्या आती है तो किडनी में सूजन (Kidney Inflammation या Nephritis) हो सकती है। ऐसे में किडनी सूजन के कारण और लक्षण जानकार वक़्त रहते इलाज कराना चाहिए।
आमतौर पर किडनी में सूजन होने पर बॉडी नीचे दिए संकेत देती है –
1. किडनी इंफेक्शन (Kidney Infection)
जब बैक्टीरिया यूरिन के रास्ते किडनी तक पहुंच जाते हैं, तो इंफेक्शन की संभावना हो सकती है। इसे Pyelonephritis कहा जाता है जो सूजन का सबसे आम कारण है।
2. यूरिन ब्लॉकेज (Urine Blockage)
अगर यूरिन ठीक से बाहर नहीं निकल पाता, तो वह किडनी में जमा होने लगता है। इस कन्डिशन को Hydronephrosis कहा जाता है और इससे सूजन हो जाती है।
3. किडनी स्टोन (Kidney Stone)
पथरी (Stone) की वजह से यूरिन के फ्लो में रुकावट आ सकती है, जिससे किडनी में प्रेशर बढ़ता है और सूजन हो सकती है।
4. ज़्यादा नमक और गलत डाइट
ज़्यादा नमक, पैक्ड फूड और जंक फूड खाने से बॉडी में पानी जमा हो सकता है और किडनी पर असर पड़ सकता है।
5. हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज
ईन दो बीमारियों से किडनी को नुकसान पहुंचता है जिससे किडनी में सूजन हो सकती है।
6. दवाइयों का ज्यादा इस्तेमाल
कुछ painkillers और antibiotics का ज़्यादा इस्तेमाल भी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है, ख़ासकर जब इन्हें डॉक्टर से पूछे बिना लिया जाए।
किडनी की सूजन का ट्रीटमेंट उसके कारण पर depend करता है। इलाज के कुछ आम तरीके नीचे दिए गए हैं –
1. दवाइयों से इलाज
एंटीबायोटिक्स (infection के लिए), Pain relievers, ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने की दवाइयाँ।
2. डाइट और लाइफस्टाइल
नमक कम करें, पानी सही मात्रा में पिएं, जंक फूड से बचें और रोज हल्की एक्सरसाइज करें।
3. आयुर्वेदिक इलाज
आयुर्वेद में किडनी को ठीक करने के लिए प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे – पुनर्नवा (Punarnava), गोखरू (Gokshura), वरुण (Varun)। इनसे किडनी की सूजन को कम करने में मदद मिल सकती हैं और साथ ही बॉडी से टॉक्सिन्स भी बाहर निकल सकते हैं। लेकिन, इनका इस्तेमाल योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही करें।
| ट्रीटमेंट का प्रकार | कैसे काम करता है | फायदे | Avoid / Risk |
| एलोपैथिक इलाज | इंफेक्शन खत्म करता है, दर्द कम करता है | जल्दी असर दिखाता है | लंबे वक़्त तक लेने से साइड इफेक्ट |
| घरेलू इलाज | पानी, डाइट सुधार | आसान और सस्ता | गंभीर केस में असर कम |
| आयुर्वेदिक इलाज | जड़ी-बूटियों से किडनी को heal करता है | नेचुरल और कम साइड इफेक्ट | सही डॉक्टर के बिना लेने पर असर धीमा |
| Surgery (गंभीर केस) | ब्लॉकेज या स्टोन हटाता है | तुरंत राहत | महंगा और रिस्क वाला |
अगर नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो देर न करें और तुरंत डॉक्टर से consult करें –
किडनी सूजन की diet में आमतौर पर ये चीजें शामिल करनी चाहिए –
किडनी सूजन में ईन चीजों का परहेज़ करना चाहिए –
हल्की सूजन कभी-कभी ठीक हो सकती है, लेकिन ज़्यादातर मामलों में इलाज ज़रूरी होता है।
हाँ, बच्चों में भी इंफेक्शन या जन्म से जुड़ी समस्याओं के कारण किडनी में सूजन हो सकती है।
सूजन शुरुआती समस्या है, जबकि किडनी फेलियर में किडनी काम करना बंद कर देती है।
यह कारण पर depend करता है, आमतौर पर 1 से 3 हफ्ते लग सकते हैं।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों में यह देखा गया है कि किडनी में सूजन (Kidney Swelling) के सही कारण (इंफेक्शन, यूरिन ब्लॉकेज, स्टोन या लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याओं) की पहचान होने के बाद, डॉक्टर द्वारा दी गई आयुर्वेदिक दवाओं और संतुलित डाइट अपनाने पर सूजन, दर्द और पेशाब से जुड़ी परेशानियों में सुधार महसूस हुआ। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन, उम्र और किडनी की स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी दवा, घरेलू उपाय या आयुर्वेदिक थेरेपी को शुरू करने से पहले Nephrologist या योग्य डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि किडनी में सूजन क्यों होता है? लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी में सूजन की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी में सूजन की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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