अब अर्थराइटिस सिर्फ़ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही, बल्कि युवा वर्ग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। घुटनों में दर्द, जोड़ों में सूजन, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी अब आम दिक्कतें बन चुकी है। कई लोगों की शिकायत होती है कि शुरू में हल्का दर्द था, लेकिन कुछ ही समय में दर्द बहुत तेज हो गया। इसलिए, इसका जवाब जानना बहुत ज़रूरी है कि Arthritis Pain तेजी से क्यों बढ़ता है? इसके असली कारण क्या हैं? इसकी डीटेल में जानकारी नीचे दी गई है।
Arthritis जोड़ों से जुड़ी बीमारी है, जिसमें जोड़ों के अंदर सूजन, घिसाव और दर्द होने लगता है। यह ख़ासकर से दो टाइप का होता है –
दोनों ही कन्डिशन में समय के साथ दर्द बढ़ता जाता है, लेकिन कुछ लोगों में यह दर्द बहुत तेजी से बढ़ने लगता है।
बॉडी में जब अंदरूनी सूजन बढ़ जाती है तो इसका असर सीधे जोड़ों पर पड़ता है। गलत खानपान, फास्ट फूड, ज़्यादा मीठा, तला-भुना भोजन और कम पानी पीना शरीर में इंफ्लेमेशन को बढ़ाता है। यह सूजन धीरे-धीरे जोड़ों को कमजोर कर देती है।
जोड़ों के बीच एक मुलायम परत होती है जिसे कार्टिलेज कहा जाता है। यह जोड़ों को आपस में रगड़ने से बचाती है। जब यह तेजी से घिसने लगती है तो हड्डियां आपस में टकराने लगती हैं और दर्द तेजी से बढ़ने लगता है। ज्यादा वजन, गलत बॉडी पोस्चर और ज्यादा चलना-फिरना इस घिसाव को तेज कर देता है।
वजन बढ़ने पर घुटनों, कमर और टखनों पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इससे जोड़ों पर लगातार स्ट्रेस बना रहता है और कार्टिलेज तेजी से घिसने लगता है। यही कारण है कि मोटापे के मरीजों में Arthritis Pain जल्दी बढ़ता है।
लंबे वक़्त तक बैठकर काम करना, एक्सरसाइज न करना, देर रात तक जागना, स्ट्रेस और नींद की कमी जोड़ों को कमजोर कर देती है। ऐसे में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है और जोड़ों तक पोषण नहीं पहुंच पाता, जिससे दर्द बढ़ने लगता है।
हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और विटामिन D बहुत जरूरी तत्व होते हैं। इनकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और जोड़ों में दर्द जल्दी बढ़ने लगता है।
रूमेटॉइड आर्थराइटिस में बॉडी का इम्यून सिस्टम अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगता है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द और जकड़न तेजी से बढ़ती है।
आयुर्वेद में अर्थराइटिस को ख़ासकर से वात दोष से जुड़ा रोग माना गया है। इसे संधिवात और आमवात के रूप में बताया गया है।
वात दोष बॉडी की गति, नसों और जोड़ों को कंट्रोल करता है। जब वात दोष बिगड़ता है तो जोड़ों में रूखापन, दर्द और अकड़न पैदा होती है। ठंडा, सूखा, बासी खाना वात को बढ़ाता है और दर्द तेजी से बढ़ने लगता है।
आयुर्वेद के हिसाब से जब पाचन शक्ति कमजोर होती है तो शरीर में अधपचा खाना जमा होकर आम बन जाता है। यही आम जोड़ों में जाकर सूजन और दर्द पैदा करता है। इसे आमवात कहा जाता है।
कमजोर पाचन अग्नि के कारण बॉडी को सही पोषण नहीं मिल पाता। हड्डियां और जोड़ कमजोर हो जाते हैं, जिससे दर्द जल्दी बढ़ने लगता है।
आयुर्वेद में बॉडी की सात धातुएं होती हैं। हड्डियों से जुड़ी अस्थि धातु और मज्जा धातु के कमजोर होने से जोड़ों की ताकत घटती है और दर्द बढ़ जाता है।
दही, बासी खाना, फ्रीज का खाना, ज्यादा मिठाई और तला-भुना खाने से कफ और आम बढ़ता है, जिससे जोड़ों में सूजन और जकड़न बढ़ती है।
रात भर जोड़ों में जकड़न रहना और ब्लड सर्कुलेशन कम होना इसके ख़ास कारण हैं।
ठंड में नसें सिकुड़ जाती हैं और जोड़ों में लचीलापन कम हो जाता है, जिससे दर्द और अकड़न बढ़ जाती है।
दिन भर जोड़ों पर दबाव पड़ने और थकान के कारण रात में दर्द ज़्यादा महसूस होता है।
हाँ, इससे सर्वाइकल आर्थराइटिस का दर्द बढ़ सकता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि Arthritis Pain तेजी से क्यों बढ़ता है? और असली कारण समझाए। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को Arthritis Pain की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से Arthritis Pain का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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