कई बार जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की दिक्कत सिर्फ़ उम्र या थकान की वजह से नहीं होती, यह बॉडी के इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी के कारण भी हो सकता है। गंभीर बात ये है कि “Autoimmune Arthritis क्यों होता है?” इसके बारे में 90% लोग नहीं जानते। आजकल ये समस्या बहुत आम हो गई है। इसलिए, इसके बारे में जानना ज़रूरी है ताकि लोग इसे सिर्फ़ नॉर्मल गठिया समझकर नजरअंदाज न कर दें।
जब हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगता है, तो उसे Autoimmune Arthritis कहा जाता है। आमतौर पर इम्यून सिस्टम हमें वायरस और बैक्टीरिया से बचाता है, लेकिन इस बीमारी में यही सुरक्षा प्रणाली जोड़ों को दुश्मन समझकर नुकसान पहुंचाती है। इस वजह से जोड़ों में सूजन, दर्द, अकड़न और धीरे-धीरे जोड़ों की बनावट खराब होने लगती है।
इन सभी में इम्यून सिस्टम ही जोड़ों पर हमला करती है।
आमतौर पर ईन कारणों से Autoimmune Arthritis होता है –
1. कमजोर इम्यून बैलेंस
जब बॉडी के इम्यून सिस्टम का संतुलन बिगड़ जाता है, तो वह बाहरी कीटाणुओं की बजाय अपने ही शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती है।
2. जेनेटिक कारण
अगर परिवार में किसी को रूमेटॉइड अर्थराइटिस या कोई ऑटोइम्यून बीमारी रही है, तो अगली पीढ़ी में इसका खतरा बढ़ जाता है।
3. ज्यादा स्ट्रेस लेना
लगातार तनाव लेने से बॉडी में हार्मोन असंतुलन होता है, जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर और असंतुलित हो जाता है।
4. गलत खान-पान
ज्यादा तला-भुना, पैकेट वाला खाना, फास्ट फूड और मीठा इम्यून सिस्टम को बिगाड़ देता है और बॉडी में सूजन बढ़ाता है।
5. नींद की कमी
पूरी नींद न लेने से बॉडी खुद को ठीक से रिपेयर नहीं कर पाती, जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है।
6. धूम्रपान और शराब
सिगरेट और शराब बॉडी में सूजन बढ़ाते हैं और Autoimmune बीमारियों को ट्रिगर कर सकते हैं।
7. पेट की खराब सेहत
अगर डाइजेशन कमजोर है और कब्ज, गैस, एसिडिटी रहती है, तो शरीर में टॉक्सिन जमा होते हैं जो इम्यून सिस्टम को भ्रम में डाल सकते हैं।
इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें।
आयुर्वेद में इस तरह के गठिया को आमवात कहते हैं। आयुर्वेद के हिसाब से जब पाचन कमजोर होता है तो शरीर में आम (टॉक्सिन) जमा होने लगता है। यही आम जोड़ों में जाकर सूजन और दर्द पैदा करता है।
इसके साथ ही वात दोष बिगड़ने से जोड़ों में अकड़न और दर्द बढ़ जाता है। आयुर्वेद मानता है कि Autoimmune Arthritis सिर्फ जोड़ों की बीमारी नहीं है, बल्कि पूरे शरीर के संतुलन के बिगड़ने का नतीजा है।
ज़्यादा नमक, चीनी, तला हुआ खाना, फास्ट फूड, मैदा, पैकेट वाला खाना, कोल्ड ड्रिंक, प्रोसेस्ड जूस, ज्यादा खट्टा और मसालेदार खाना न खाएँ।
हरी सब्जियां, हल्दी वाला दूध, गुनगुना पानी, फल जैसे पपीता, सेब, मूंग दाल और दलिया, अलसी और अखरोट – ये सब खाएँ।
हाँ, यह बीमारी 20 से 30 साल के युवाओं में भी हो सकती है।
हाँ, ज़्यादा ठंडी चीजें वात दोष बढ़ाकर दर्द और अकड़न बढ़ा सकती हैं।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि Autoimmune Arthritis क्यों होता है? जिसके बारे में 90% लोग नहीं जानते। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को Autoimmune Arthritis की बीमारी है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से Autoimmune Arthritis का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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