उम्र बढ़ने के साथ घुटनों में दर्द होना एक common समस्या है, लेकिन सही diet, हल्की Exercise और वज़न कंट्रोल करके इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। घुटनों को Healthy रखने के लिए रोज़ाना हल्का चलना, Calcium और Vitamin D से भरपूर Diet लेना और सही Lifestyle रखना बहुत ज़रूरी है। अगर शुरुआत में ही घुटनों की care ठीक से कर ली जाए, तो बढ़ती उम्र में भी चलने-फिरने में परेशानी कम होती है।
जब उम्र बढ़ती है तो घुटनों की हड्डियों और Cartilage में घिसाव शुरू हो जाता है। Cartilage वह मुलायम परत होती है जो हड्डियों को आपस में रगड़ खाने से बचाती है। उम्र बढ़ने पर यह परत पतली हो जाती है, जिससे घुटनों में दर्द, सूजन और जकड़न जैसी दिक्कतें महसूस होती है। इसके अलावा बॉडी में Calcium और Vitamin D की कमी भी हड्डियों को कमजोर बनाती है। कई लोगों में बढ़ती उम्र के साथ Osteoarthritis जैसी समस्या हो जाती है, जो घुटनों के दर्द का ख़ास कारण बनती है। अगर Lifestyle सही न हो, वज़न ज़्यादा हो या Exercise की कमी हो, तो दर्द और तेजी से बढ़ सकता है।
ईन तरीकों का इस्तेमाल कर बढ़ती उम्र में घुटनों का दर्द रोका जा सकता है –
जब बॉडी का वजन ज़्यादा होता है, तो उसका सीधा load घुटनों पर पड़ता है। इससे घुटनों की हड्डियाँ जल्दी घिसने लगती हैं। बढ़ती उम्र में घुटनों का दर्द रोकने के लिए सबसे पहले अपने वज़न को कंट्रोल करें। इसलिए, Balanced Diet लें और रोज़ाना हल्की Physical Activity करें।
रोज़ सुबह या शाम 30 मिनट Walk करें। इससे घुटनों की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं। इसके अलावा Swimming और Cycling जैसी Low Impact Exercise भी बहुत फायदा करती हैं। साथ ही लंबे टाइम तक लगातार बैठे रहने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे घुटनों में जकड़न बढ़ सकती है।
Diet में Calcium, Protein और Vitamin D वाली चीजें add करें। दूध, दही, पनीर, तिल, बादाम और हरी सब्जियाँ हड्डियों को strong बनाती हैं। सुबह की धूप लेने से Vitamin D मिलता है, जो घुटनों की सेहत के लिए ज़रूरी है।
गलत तरीके से बैठना, अचानक भारी वजन उठाना और ज़्यादा सीढ़ियाँ चढ़ना-उतरना घुटनों को नुकसान पहुँचा सकता है। इसलिए अपनी lifestyle में छोटे-छोटे बदलाव करना ज़रूरी है।
अगर घुटनों में हल्का दर्द शुरू हो जाए, तो उसे ignore न करें। शुरुआत में Hot Water Bag, हल्की मालिश और आराम से राहत मिल सकती है। कई लोग Knee Support या Braces का use भी करते हैं।
Mental Stress से भी दर्द बढ़ सकता है। इसलिए अच्छी और पूरी नींद लें, Stress कम करें।
अगर घुटनों के दर्द के साथ ये लक्षण भी दिखें तो डॉक्टर से consult करना ज़रूरी है –
ईन चीजों का सेवन करना चाहिए –
ऐसा ज़रूरी नहीं। कई cases में बिना replacement या Surgery के घुटनों की गद्दी दोबारा बनाकर घुटनों का इलाज किया जा सकता है।
हाँ, कई cases में आयुर्वेद से घुटनों का दर्द पूरी तरह ठीक हो सकता है।
हाँ, सही इलाज और Lifestyle से दर्द को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
हल्का दर्द नॉर्मल हो सकता है, लेकिन लगातार दर्द होने पर डॉक्टर से consult करना चाहिए।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों ने बढ़ती उम्र में घुटनों के दर्द के कारणों की सही पहचान होने के बाद डॉक्टर द्वारा सुझाई गई आयुर्वेदिक दवाओं, थेरेपी, हल्की Exercise, संतुलित Diet और आयुर्वेदिक lifestyle अपनाने पर घुटनों के दर्द, जकड़न, सूजन और चलने-फिरने में होने वाली परेशानी में सुधार महसूस किया। हालांकि, हर मरीज की बॉडी, उम्र और घुटनों की समस्या की गंभीरता अलग होती है, इसलिए किसी भी दवा, Exercise या सपोर्टिव थेरेपी को शुरू करने से पहले Orthopedic Specialist, Physiotherapist या योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि उम्र बढ़ने पर घुटनों के दर्द को कैसे रोके। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को बढ़ती उम्र में घुटनों के दर्द की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से बिना सर्जरी बढ़ती उम्र में घुटनों के दर्द का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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