किडनी रोग में वो दवाएं ज़्यादा नुकसानदायक होती हैं जो किडनी पर प्रेशर ज़्यादा बढ़ा देती हैं। ऐसी दवाएं बीमारी को और ज़्यादा बढ़ा सकती हैं। अगर किडनी के patient बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेते हैं, तो इससे भी किडनी पर extra प्रेशर पड़ सकता है और नुकसान बढ़ सकता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो कुछ दवाएं किडनी पर भारी पड़ सकती हैं। कई बार ये दवाएं किडनी की capacity को और कम कर देती हैं। इसलिए किडनी रोगियों को यह जानना बहुत जरूरी है कि ‘किडनी रोग में कौन-सी दवाएं नुकसानदायक हैं?’
आमतौर पर लोग सिर दर्द, कमर दर्द या जोड़ों के दर्द में दर्द कम करने वाली दवाएं (painkillers) लेते हैं जो किडनी रोगियों के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती हैं। इन दवाओं के लगातार उपयोग से किडनी में ब्लड फ्लो कम हो सकता है। जब किडनी को ठीक से खून नहीं मिलता, तो उसकी फिल्टर करने की क्षमता कमजोर हो सकती है। इसलिए, किडनी रोगियों को दर्द की दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
इन्फेक्शन होने पर एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं। लेकिन, कुछ एंटीबायोटिक दवाएं किडनी पर direct असर डाल सकती हैं। किडनी की कमजोरी होने पर बॉडी इन दवाओं को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पाती। इससे दवा बॉडी में जमा होने लगती है और किडनी पर टॉक्सिक असर पड़ सकता है। इसलिए, किडनी patients को एंटीबायोटिक की डोज डॉक्टर से पूछकर ही लेनी चाहिए।
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी रोग के सबसे बड़े कारणों में से हैं। इन बीमारियों के इलाज में कई प्रकार की दवाएं दी जाती हैं। हालांकि इनमें से कुछ दवाएं किडनी पर एक्स्ट्रा load डाल सकती हैं, खासकर जब किडनी पहले से कमजोर हो। अगर दवा की मात्रा सही न हो, तो यह किडनी की फिल्टर करने की capacity पर असर डाल सकती है। इसलिए, किडनी patients को अपनी दवाओं की regular जांच करवानी चाहिए।
वैसे तो हर्बल, आयुर्वेदिक दवाएँ काफ़ी सुरक्षित होती हैं और इनके side effects भी बहुत कम होते हैं लेकिन, ऐसा हमेशा ज़रूरी नहीं होता। कुछ हर्बल सप्लीमेंट्स या पाउडर में ऐसे तत्व हो सकते हैं जो किडनी के लिए नुकसानदायक हों। अगर इनका उपयोग बिना आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह के किया जाए, तो किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है जैसे – किडनी में टॉक्सिन्स जमा होना, पेशाब में बदलाव, किडनी में सूजन और किडनी फेलियर का खतरा आदि। इसलिए, किसी भी सप्लीमेंट या हर्बल दवा को लेने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
कई मेडिकल टेस्ट जैसे CT scan या कुछ दूसरे tests में कॉन्ट्रास्ट डाई का use किया जाता है। यह डाई किडनी के लिए risky हो सकती है, खासकर उन लोगों में जिनकी किडनी पहले से कमजोर है। कॉन्ट्रास्ट डाई किडनी के फिल्टर पर असर डाल सकती है और अचानक किडनी फंक्शन को बिगाड़ सकती है। इसलिए, ऐसे टेस्ट से पहले डॉक्टर को अपनी किडनी की कन्डिशन के बारे में बताना ज़रूरी होता है।
अगर किडनी रोगी को दवा लेने के बाद नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से contact करना चाहिए:
डॉक्टर से consult करना, सही डोज लेना, और regular किडनी टेस्ट करवाना ज़रूरी होता है।
हाँ, कुछ सप्लीमेंट्स में ऐसे तत्व होते हैं जो किडनी पर extra दबाव डाल सकते हैं।
क्योंकि कमजोर किडनी दवाओं को धीरे-धीरे बाहर निकालती है, इसलिए डॉक्टर डोज कम या अलग तरीके से देते हैं।
अगर दवाएं डॉक्टर से पूछे बिना बदली जाएं तो इससे किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि ‘किडनी रोग में कौन-सी दवाएं नुकसानदायक होती हैं?’ लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी रोग है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी रोग का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको आयुर्वेदिक किडनी एक्सपर्ट द्वारा किडनी रोग का सुरक्षित, side-effect-free ट्रीटमेंट दिया जाएगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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