डायबिटीज में ऐसी चीज़ें नहीं खानी चाहिए जो ब्लड शुगर (Blood Sugar) को तेज़ी से बढ़ा दें। डायबिटीज के इलाज में परहेज़ का ख़ास महत्व है। इसलिए, ईन चीज़ों के बारे में डीटेल में जानना चाहिए।
डायबिटीज सिर्फ़ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल कंडीशन है। अगर diet सही रखी जाए तो शुगर लेवल को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। सही डाइट डायबिटीज में दवा के बराबर होती है और इलाज में बहुत मदद करती है। अगर सही खान-पान नहीं रखा जाए तो धीरे-धीरे बॉडी में शुगर लेवल बढ़ सकता है और किडनी, दिल, आंखों और नसों पर असर पड़ सकता है।
मीठी चीज़ें, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और जंक फूड से दूर रहना डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। इसलिए, इन चीज़ों को कम करना या पूरी तरह से छोड़ना बेहतर माना जाता है। साथ ही संतुलित डाइट, रेगुलर वॉक, पर्याप्त नींद और स्ट्रेस कम रखना डायबिटीज मैनेज करने में मदद कर सकता है।
आमतौर पर डॉक्टर डायबिटीज में सबसे पहले मीठी चीज़ों से दूर रहने की सलाह देते हैं क्योंकि, इन चीज़ों में simple sugar बहुत ज़्यादा होती है। जब कोई रोगी इन्हें खाता है तो बॉडी में ब्लड शुगर तेजी से बढ़ जाता है। अगर लंबे वक़्त तक ऐसा होता रहे तो डायबिटीज कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है। ईन चीज़ों में ख़ास हैं –
सफेद चावल और मैदा से बनी चीज़ें जैसे समोसा, नान, पिज़्ज़ा, पास्ता आदि भी डायबिटीज रोगी को नुकसान पहुँचा सकती हैं। इनमें refined carbohydrates होते हैं जो जल्दी पच जाते हैं और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा देते हैं। इसलिए, डायबिटीज में कोशिश करें कि मैदा से बनी चीज़ों को कम से कम खाया जाए।
आज के खानपान में जंक फूड और फास्ट फूड का चलन बहुत बढ़ गया है। इनमें unhealthy fat, salt और refined carbs ज़्यादा होते हैं। ये न सिर्फ शुगर लेवल बढ़ा सकते हैं बल्कि मोटापा भी बढ़ा सकते हैं। मोटापा बढ़ने से डायबिटीज कंट्रोल करना और मुश्किल हो सकता है। ईन चीज़ों में ख़ास हैं –
डायबिटीज रोगी को sweet drinks से भी दूर रहना चाहिए। इन ड्रिंक्स में छिपी हुई चीनी (Hidden Sugar) बहुत ज़्यादा होती है जिससे ब्लड शुगर कुछ ही मिनटों में काफी बढ़ सकती है। ईन चीज़ों में ख़ास हैं –
तली हुई चीज़ों में कैलोरी और फैट बहुत ज़्यादा होता है। अगर इन्हें रोज खाया जाए तो वजन बढ़ सकता है और इंसुलिन का असर भी कम हो सकता है। इसलिए, कोशिश करें कि तली हुई चीज़ें जैसे समोसा, कचौरी, पकौड़े, चिप्स आदि बहुत कम खाई जाएं।
वैसे तो फल बॉडी के लिए healthy होते हैं, लेकिन कुछ फल ऐसे होते हैं जिनमें natural sugar ज़्यादा होती है। इसलिए, ईन फलों को हमेशा हमेशा डॉक्टर या डाइट एक्सपर्ट से consult करके ही खाना चाहिए वो भी एकदम लिमिट में। अगर डॉक्टर इजाज़त न दे तो इन्हें बिलकुल त्याग देना चाहिए। ईन फलों में ख़ास हैं –
अगर डायबिटीज रोगी को नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए –
आलू में कार्बोहाइड्रेट ज़्यादा होता है, इसलिए इसे लिमिट में ही खाना चाहिए।
पैकेट वाले स्नैक्स में salt, fat और carbs ज़्यादा होते हैं, इसलिए इन्हें कम से कम खाएँ।
केक, पेस्ट्री और बिस्कुट में sugar और मैदा ज़्यादा होता है, इसलिए इनका परहेज़ करना चाहिए।
रात को ज़्यादा भारी और मीठा खाना ब्लड शुगर बढ़ा सकता है, इसलिए हल्का खाना खाना बेहतर होता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि “डायबिटीज में क्या नहीं खाना चाहिए?” लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को डायबिटीज है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से डायबिटीज का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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