डायबिटीज (Diabetes) और वजन बढ़ने की समस्या अक्सर साथ-साथ चलती हैं। खासकर टाइप-2 डायबिटीज में मोटापा एक बड़ा कारण माना जाता है। जब बॉडी का वजन बढ़ता है, तो Insulin ठीक से काम नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। ऐसे में वजन कम करना डायबिटीज कंट्रोल करने का एक बहुत अहम हिस्सा बन जाता है। इसलिए, ये ज़रूर जानें कि “डायबिटीज में वजन कैसे कम करें?”
डायबिटीज में वजन बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे –
जब बॉडी में शुगर ज्यादा रहती है, तो वह फैट के रूप में जमा होने लगती है।
अगर डायबिटीज में 5 से 10% वजन भी कम हो जाए, तो ये फायदे हो सकते हैं –
डायबिटीज में वजन घटाने के लिए सही डाइट सबसे ज़रूरी है। अपनी डाइट में हरी सब्जियाँ जैसे – लौकी, तोरी, करेला, पालक; और सलाद जैसे – खीरा, टमाटर, गाजर लिमिट में) शामिल करें। इसके अलावा दालें, हल्का प्रोटीन और साबुत अनाज (कम मात्रा में) लें।
साथ ही कुछ चीज़ों का परहेज़ करें जैसे – सफेद चावल, मैदा, मीठा और शुगर, पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड। खाना धीरे-धीरे और टाइम पर खाएं।
डायबिटीज में ‘क्या खाना है’ के साथ-साथ ‘कितना खाना है’ भी उतना ही ज़रूरी सवाल है। छोटी प्लेट में खाएँ, बार-बार लेने से बचें और पेट भरने से पहले रुक जाएँ।
वजन घटाने के लिए भारी जिम जाना ज़रूरी नहीं। रोज़ 30 से 40 मिनट तेज़ चलना (Brisk Walk), हल्का योग, सीढ़ियाँ चढ़ना जैसी ऐक्टिविटी भी काफी असरदार होती हैं। एक्सरसाइज़ से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है।
फल हेल्थ के लिए अच्छे हैं, लेकिन डायबिटीज में केला, आम, अंगूर जैसे मीठे फलों से बचें। सेब, पपीता, अमरूद जैसे फल लिमिट में लें। फल हमेशा साबुत खाएं, जूस से बचें।
कम नींद और ज्यादा स्ट्रेस से वजन कम होना मुश्किल हो जाता है। नींद की कमी से हार्मोन बिगड़ते हैं और भूख ज्यादा लगती है। इसलिए रोज़ 7 से 8 घंटे की नींद ज़रूर लें।
आयुर्वेद के हिसाब से यह बीमारी कफ दोष के बढ़ने और पाचन शक्ति के कमजोर होने से होती है। जब कफ दोष बढ़ता है तो शरीर में फैट जमा होता है, वजन बढ़ता है, ब्लड शुगर का बैलेन्स बिगड़ता है। आयुर्वेद में वजन कम करने के लिए हल्का, गर्म और सुपाच्य भोजन खाने को कहा गया है। साथ ही दिन में टाइम पर खाएँ।
इसके अलावा बासी और भारी भोजन का परहेज करें। कुछ आयुर्वेदिक उपाय जैसे गुनगुना पानी पीना, त्रिफला (डॉक्टर से पूछ कर), सही रूटीन आदि वजन और शुगर दोनों को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
शुरुआत में शरीर के कुल वजन का 5 से 10% कम करना भी अच्छा रिज़ल्ट देता है।
नहीं। डायबिटीज में धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से वजन कम करना ज़्यादा बेहतर होता है।
बहुत ज़्यादा dieting नहीं करनी चाहिए, बल्कि balanced और controlled diet अपनानी चाहिए।
हाँ, लेकिन लिमिट में और कम मीठे फल ही लेने चाहिए।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि डायबिटीज में वजन कैसे कम करें। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को डायबिटीज या वजन बढ़ने की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से डायबिटीज या वजन बढ़ने का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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