पेट की गर्मी के लिए आयुर्वेदिक दवा – Pet Ki Garmi Ke Liye Ayurvedic Dawa
पेट की गर्मी: पेट में एसिड की समस्या – Pet ki garmi: Pet mein acid ki samasya
पेट की गर्मी को आयुर्वेद में अम्लपित्त कहा गया है। यह तब होती है जब पित्त दोष ज़्यादा एक्टिव हो जाता है। पित्त शरीर में डाईजेशन (अग्नि) को कंट्रोल करता है। जब इसका बैलेंस बिगड़ जाता है, तो पेट में ज़्यादा एसिड बन जाता है, जिससे पेट जलन, एसिडिटी आदि महसूस होता है। आमतौर पर अंग्रेजी दवाओं के साइड इफेक्ट्स होते हैं इसलिए पेट की गर्मी के लिए आयुर्वेदिक दवा इस समस्या का उपचार करने का बहुत ही सही रास्ता है। लेकिन पहले पेट की गर्मी के कारण जान लेने चाहिए जो इस प्रकार हैं–
पेट की गर्मी के कारण – Pet ki garmi ke karan
- भारी, तला हुआ और ज़्यादा मसाले वाला खाना
- ज़्यादा तीखा, अम्लीय भोजन
- खराब खान-पान
- स्ट्रेस, नींद की कमी, खराब लाइफस्टाइल
- ज़्यादा कैफीन, चाय–कॉफ़ी, शराब














