आज की बदलती लाइफस्टाइल, गलत खान-पान, फास्ट फूड, शराब और फिज़िकल ऐक्टिविटी की कमी के कारण फैटी लिवर एक आम लेकिन सिरियस बीमारी बनती जा रही है। यह बीमारी शुरुआत में लक्षण नहीं दिखाती, लेकिन वक़्त रहते ध्यान न दिया जाए तो लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर जैसी गंभीर स्थितियाँ हो सकती हैं। फैटी लिवर से बचाव और इलाज में सही डाइट का बहुत ही ख़ास रोल होता है। सही खानपान से लिवर की चर्बी कम की जा सकती है और गलत डाइट से कन्डिशन और बिगड़ सकती है। इसलिए, इस बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए कि फैटी लिवर में क्या खाएं और क्या न खाएं? लेकिन साथ ही इस बीमारी के बारे में कुछ आम बातें पता होनी चाहिए जो नीचे दी गई हैं।
जब लिवर की कोशिकाओं में ज़रूरत से ज़्यादा चर्बी जमा हो जाती है, तो इस कन्डिशन को फैटी लिवर कहा जाता है। यह आमतौर पर दो प्रकार का होता है:
नीचे दिए गए फूड आइटम्स को अपनी डाइट में शामिल करें जो फैटी लिवर के उपचार में बहुत उपयोगी हैं –
फल विटामिन और फाइबर से भरपूर होते हैं, लेकिन मीठे फल लिमिट में ही लें। सेब, पपीता, अमरूद, नाशपाती और बेरीज बहुत फायदा करते हैं। लेकिन बहुत ज़्यादा मीठे फल जैसे आम और केला लिमिट में ही लें।
साबुत अनाज डाइजेशन को सुधारते हैं और फैट मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। इसलिए, ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस, जौ, बाजरा खाएँ।
ये फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जो लिवर डिटॉक्स करने में मदद मिलती है। इसलिए, पालक, मेथी, लौकी, तोरई, करेला और पत्ता गोभी का इस्तेमाल करें। ये सब्जियां लिवर में जमा फैट को कम कर सकती हैं।
प्रोटीन लिवर सेल्स को रिपेयर करने में मदद करता है। दालें, मूंग, मसूर, अंकुरित दालें, पनीर (लो-फैट) और टोफू आदि प्रोटीन के अच्छे सोर्स हैं।
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर फैट कम करने में मदद करते हैं। साथ ही नींबू पानी (बिना चीनी वाला) और धनिया पानी भी बहुत फायदेमंद होता है।
दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी पियें जिससे लिवर डिटॉक्स करने में मदद मिलती है।
कुछ फैट हेल्दी होते हैं जो लिवर के लिए फायदेमंद हैं। हेल्दी फैट के ख़ास सोर्स हैं – अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स और जैतून का तेल।
लो-फैट या टोंड दूध फैटी लिवर में पीया जा सकता है, लेकिन फुल क्रीम दूध का परहेज़ करें।
हाँ, मूंग, मसूर और अरहर जैसी दालें फैटी लिवर में फायदेमंद होती हैं क्योंकि ये हल्की और प्रोटीन वाली होती हैं।
जैतून का तेल, सरसों का तेल और लिमिट में मूंगफली का तेल बेहतर ऑप्शन हैं।
ओट्स, दलिया, फल के साथ लो-फैट दही और उबली सब्जियां सबसे अच्छा नाश्ता होता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि फैटी लिवर में क्या खाएं और क्या न खाएं? लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को फैटी लिवर की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से फैटी लिवर का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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