टाइप 2 डायबिटीज को पूरी तरह रिवर्स करना हर case में संभव नहीं होता, लेकिन सही ट्रीटमेंट, डाइट में सुधार, वजन कंट्रोल और लाइफस्टाइल में बदलाव कर इसे काफी हद तक रिवर्स या कंट्रोल कर सकते हैं। सही वक़्त पर बदलाव कर कई डायबिटीज रोगियों ने बिना दवा या कम दवा में ब्लड शुगर लेवल कम नॉर्मल करने में सफलता पाई है।
यह डायबिटीज की बीमारी का एक प्रकार है जिसमें बॉडी इंसुलिन का सही तरीके से use नहीं कर पाती। इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस भी कहा जाता है। अगर सही वक़्त पर इसकी पहचान कर ली जाए और ज़रूरी ट्रीटमेंट लिया जाए तो इसे काफी हद तक रिवर्स किया जा सकता है।
नीचे दिए गए ईन तरीकों की मदद से कुछ cases में टाइप 2 डायबिटीज रिवर्स किया जा सकता है –
ज़्यादा वजन डायबिटीज की एक ख़ास वजह है। 5 से 10% वजन कम करने पर भी ब्लड शुगर लेवल में सुधार दिख सकता है। इसलिए, वजन कंट्रोल करें, जिसमें सबसे ज़्यादा ज़रूरी है – पेट की चर्बी कम करना।
सही खानपान डायबिटीज कंट्रोल और रिवर्स करने में सबसे बड़ा रोल निभाता है। इसलिए, डायबिटीज-फ़्रेंडली चीज़ें खाएँ, जैसे – हरी सब्जियां (पालक, लौकी), साबुत अनाज (ओट्स, दलिया), प्रोटीन (दाल, पनीर) और फाइबर वाली चीज़ें। साथ ही कुछ चीज़ों से दूरी बनाएं, जैसे – मीठा, सफेद आटा, फ्राइड फूड, कोल्ड ड्रिंक्स आदि।
रोज 30 मिनट वॉक, योग और प्राणायाम, हल्की strength training यह बॉडी में इंसुलिन की sensitivity बढ़ाता है।
इसमें एक तय वक़्त तक उपवास रखा जाता है, फिर खाया जाता है। इससे बॉडी को आराम मिलता है और वह जमा हुए fat को energy के रूप में use करने लगती है। कुछ लोग intermittent fasting अपनाकर ब्लड शुगर कंट्रोल करते हैं। लेकिन, इसे करने से पहले डॉक्टर से consult ज़रूर कर लें।
आयुर्वेद में कई असरदार जड़ी-बूटियां बताई गई हैं, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती हैं। गुड़मार, करेला, जामुन के बीज, और मेथी दाना को आयुर्वेद में टाइप 2 डायबिटीज के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। ये बॉडी में इंसुलिन की working capacity सुधारते हैं और शुगर के अवशोषण को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, आयुर्वेदिक काढ़े और चूर्ण का रेगुलर सेवन भी फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, किसी भी आयुर्वेदिक दवा को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना ज़रूरी है, ताकि सुरक्षित और सही इलाज मिल सके।
| तरीका | कैसे मदद करता है | Avoid / Risk |
| वजन घटाना | इंसुलिन sensitivity बढ़ाता है | बहुत तेजी से वजन घटाना नुकसानदायक |
| सही डाइट | शुगर कंट्रोल करता है | गलत डाइट से शुगर बढ़ सकती है |
| Exercise | बॉडी को एक्टिव रखता है | ज़्यादा थकान से बचें |
| Intermittent Fasting | इंसुलिन लेवल सुधारता है | बिना सलाह के खतरनाक |
| आयुर्वेदिक उपाय | नेचुरल कंट्रोल में मदद | ओवरडोज नुकसान कर सकता है |
| दवाइयां (Medicines) | ब्लड शुगर कंट्रोल करती हैं | साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं |
यह व्यक्ति की कंडीशन पर निर्भर करता है, कुछ महीनों में सुधार दिख सकता है।
हाँ, शुरुआती स्टेज में सही डाइट और लाइफस्टाइल से बिना दवा भी कंट्रोल हो सकती है।
कुछ मामलों में फायदेमंद है, लेकिन इसे डॉक्टर की सलाह से ही शुरू करें।
डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयां बंद नहीं करनी चाहिए।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों ने टाइप 2 डायबिटीज के सही कारण की पहचान करने के बाद डॉक्टर द्वारा दी गई आयुर्वेदिक दवाइयाँ, संतुलित डाइट, योग, रेगुलर एक्सरसाइज अपनाकर टाइप 2 डायबिटीज में सुधार महसूस किया और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल किया। हालांकि, हर व्यक्ति की कंडीशन, इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज की गंभीरता अलग होती है, इसलिए किसी भी डाइट, घरेलू उपाय या सपोर्टिव थेरेपी को शुरू करने से पहले Endocrinologist या योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि ‘क्या टाइप 2 डायबिटीज रिवर्स हो सकती है?’ लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को टाइप 2 डायबिटीज की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से टाइप 2 डायबिटीज का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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