कई बार ऐसा होता है कि सोरायसिस लंबे वक़्त तक कंट्रोल में रहता है, लेकिन अचानक बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है। इसे flare-up यानी सोरायसिस का अचानक से भड़कना कहा जाता है। ऐसा होने पर तकलीफ बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है। इसलिए, यह ठीक से जानना चाहिए कि सोरायसिस अचानक क्यों बढ़ जाता है? ताकि सोरायसिस के भड़कने से पहले ही बचाव किया जा सके।
आमतौर पर सोरायसिस की पहचान ईन लक्षणों से की जा सकती है –
ज़्यादातर ईन कारणों से सोरायसिस अचानक बढ़ जाता है –
जब व्यक्ति ज़्यादा तनाव में रहता है, तो उसकी बॉडी में कई हार्मोनल changes होते हैं। इससे इम्यून सिस्टम पर बहुत ज़्यादा असर पड़ता है। सोरायसिस एक autoimmune disease है, जिसमें इम्यून सिस्टम गलती से अपनी ही स्किन कोशिकाओं पर हमला करने लगता है। Stress के वक़्त यह प्रक्रिया और तेज हो सकती है, जिससे अचानक दाने और खुजली बढ़ जाती है।
सर्दियों के मौसम में यह बीमारी ज़्यादा बढ़ती है। ठंडी और सूखी हवा स्किन को और ड्राय बना देती है, जिससे पपड़ी और खुजली बढ़ जाती है। गर्मियों में धूप से कुछ लोगों को आराम मिलता है, लेकिन बहुत ज़्यादा धूप या सनबर्न होने पर भी सोरायसिस भड़क सकता है।
गले का इन्फेक्शन, सर्दी-जुकाम या कोई और bacterial infection से सोरायसिस अचानक से भड़क सकता है। खासकर बच्चों और युवाओं में गले के इन्फेक्शन के बाद सोरायसिस के दाने तेज़ी से फैल सकते हैं। जब बॉडी किसी इन्फेक्शन से लड़ती है, तो इम्यून सिस्टम ज़्यादा एक्टिव हो जाता है, जिससे सोरायसिस के लक्षण बढ़ सकते हैं।
कुछ दर्द की दवाइयाँ और हाई ब्लड प्रेशर की कुछ medicines सोरायसिस को ट्रिगर कर सकती हैं। साथ ही स्टेरॉयड दवाइयाँ अचानक बंद करने से भी सोरायसिस भड़क सकता है। इसलिए, बिना डॉक्टर की सलाह के दवा शुरू या बंद न करें।
अगर स्किन पर कट, खरोंच, जलन या चोट लग जाए, तो उस जगह पर भी सोरायसिस के दाने उभर सकते हैं। इसे Koebner phenomenon कहते हैं। इसलिए जिन लोगों को सोरायसिस है, उन्हें स्किन का ख़ास ध्यान रखना चाहिए।
शराब और सिगरेट की आदत immune system पर असर डालती हैं और बॉडी में सूजन बढ़ाती हैं। जिन लोगों को पहले से सोरायसिस है, उनमें इन चीजों के कारण flare-up का खतरा ज़्यादा होता है।
महिलाओं में प्रेग्नेंसी, पीरियड्स या menopause के दौरान हार्मोन में बदलाव होते हैं। इन बदलावों का असर सोरायसिस पर पड़ सकता है। कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी के वक़्त राहत मिलती है, तो कुछ में लक्षण भड़क सकते हैं।
ज़्यादा तला-भुना, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड खाने से बॉडी में सूजन बढ़ सकती है। अगर digestion ठीक नहीं है, तो स्किन पर भी असर दिखाई देता है। Healthy और balanced डाइट न लेने से सोरायसिस के लक्षण बढ़ सकते हैं।
सोरायसिस लंबे वक़्त तक चलने वाली बीमारी है। अगर लक्षण कम होते ही व्यक्ति इलाज बंद कर देता है, तो कुछ वक़्त बाद बीमारी पहले से ज़्यादा बढ़ सकती है। इसलिए, डॉक्टर की सलाह के बिना इलाज में बदलाव नहीं करना चाहिए।
कम नींद लेने से बॉडी का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। जब नींद पूरी नहीं होती, तो stress भी बढ़ता है। ये दोनों कारण मिलकर सोरायसिस को अचानक भड़का सकते हैं।
ज़्यादा वजन होने से बॉडी में सूजन बढ़ती है। स्किन की सिलवटों में पसीना और रगड़ भी ज़्यादा होती है, जिससे सोरायसिस के दाने बढ़ सकते हैं। वजन कंट्रोल में रखने से लक्षणों में सुधार आ सकता है।
कठोर साबुन, केमिकल वाले क्रीम या हेयर डाई का use भी सोरायसिस को बढ़ा सकता है। सेन्सिटिव स्किन पर हल्के और मेडिकेटेड प्रोडक्ट्स का उपयोग करना बेहतर होता है।
ट्रिगर से बचें, stress कम करें, स्किन को moisturized रखें और regular इलाज जारी रखें।
हाँ, अचानक दवा बंद करने से लक्षण बढ़ सकते हैं।
हाँ, चिंता और डिप्रेशन लक्षणों को खराब कर सकते हैं।
सोरायसिस में हरी सब्जियाँ, ताजे फल, साबुत अनाज, हल्का और anti-inflammatory खाना खाएँ।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि सोरायसिस अचानक क्यों बढ़ जाता है। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को सोरायसिस की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से सोरायसिस का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
Second Floor, 77, Block C, Tarun Enclave, Pitampura, New Delhi, Delhi, 110034