सोरायसिस में “सबसे अच्छी क्रीम” वो होती है जो आपकी स्किन टाइप, लक्षण और बीमारी की गंभीरता के अनुसार डॉक्टर द्वारा दी जाए और जो सोरायसिस के लक्षणों को बिना किसी side-effects के कंट्रोल कर सके। आमतौर पर medicated creams जैसे स्टेरॉइड क्रीम्स, विटामिन D क्रीम्स और moisturizing creams का सही इस्तेमाल आराम देता है। कुछ मामलों में आयुर्वेदिक दवा क्रीम, लेप और तेल आदि से भी सोरायसिस के लक्षणों को कंट्रोल में बड़ी मदद मिलती है।
यह एक chronic skin disease है जो immune system से जुड़ी होती है, इसलिए इसका इलाज सिर्फ क्रीम तक सीमित नहीं होता, बल्कि lifestyle और diet भी अहम भूमिका निभाते हैं। फिर भी, क्रीम्स लक्षणों को कंट्रोल करने में बहुत मदद करती हैं।
वैसे तो रोगी की कन्डिशन और सोरायसिस के टाइप के हिसाब से कई तरह की अलग-अलग creams का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे – स्टेरॉइड क्रीम्स, विटामिन D क्रीम्स, Moisturizing Creams, कोल टार क्रीम्स और सैलिसिलिक एसिड क्रीम्स। लेकिन, कम side effects के लिए आयुर्वेदिक creams को ज़्यादा उपयोगी माना जा सकता है। ये safe होते हैं और स्किन को soothe करते हैं। कुछ ख़ास आयुर्वेदिक creams की जानकारी नीचे दी गई है जिनका इस्तेमाल आयुर्वेदिक डॉक्टर से पूछकर ही करना चाहिए –
| ट्रीटमेंट | क्या करता है | फायदा | Avoid / Risk |
| स्टेरॉइड क्रीम्स | सूजन कम करता है | जल्दी राहत | लंबे वक़्त तक use से skin पतली |
| विटामिन D क्रीम्स | cell growth control | Long-term में सुरक्षित | डॉक्टर की सलाह जरूरी |
| Moisturizer | सूखापन कम करता है | खुजली कम | सिर्फ moisturizer से cure नहीं |
| कोल टार क्रीम्स | scaling कम | असरदार | smell, irritation |
| सैलिसिलिक एसिड | dead skin हटाता है | absorption बढ़ाता है | ज़्यादा use से irritation |
| आयुर्वेदिक Cream | प्राकृतिक इलाज | side effects कम | बिना guidance use करना |
| Oral Medicines | अंदर से इलाज | गंभीर cases में असरदार | side effects संभव हैं |
| Phototherapy | UV light treatment | controlled results | ज़्यादा exposure risk |
अगर ये symptoms दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर या dermatologist से संपर्क करें –
यह chronic बीमारी है, लेकिन सही इलाज से कंट्रोल किया जा सकता है।
Harsh chemical या बिना prescription वाली strong steroid क्रीम से बचें।
नहीं, यह फैलने वाली बीमारी नहीं है।
फल, हरी सब्जियां और anti-inflammatory diet फायदेमंद होती है।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों ने सोरायसिस के प्रकार और उसके triggers की सही पहचान होने के बाद डॉक्टर द्वारा दी गई आयुर्वेदिक दवा, क्रीम, लेप और संतुलित डाइट अपनाने पर त्वचा की लालिमा, पपड़ी और खुजली में अच्छा सुधार महसूस किया। साथ ही रेगुलर आयुर्वेदिक moisturizer और सही skincare routine से भी लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिली। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन और सोरायसिस की गंभीरता अलग होती है, इसलिए किसी भी क्रीम, दवा या सपोर्टिव थेरेपी को शुरू करने से पहले Dermatologist या योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि ‘सोरायसिस में कौन-सी क्रीम सबसे अच्छी है?’ लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को सोरायसिस की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से सोरायसिस का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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